Maharashtra: महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार का बुधवार की सुबह बारामती में हुए एक प्लेन क्रैश में निधन हो गया. विमान में अजित पवार सहित 5 लोग सवार थे. हादसे के बाद घायलों को इलाज के लिए बारामती अस्पताल लाया गया, लेकिन अजित पवार को बचाया नहीं जा सका. इस हादसे को लेकर पीएम मोदी, अमित शाह, मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस समेत कई नेताओं ने शोक जताया है.
पीएम मोदी ने जताया दुख
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि ‘श्री अजित पवार जी जनता के नेता थे, जिनका जनता से गहरा जुड़ाव था. उन्हें एक मेहनती और समर्पित व्यक्तित्व के रूप में व्यापक सम्मान मिला. प्रशासनिक मामलों की उनकी समझ और गरीबों-पीड़ितों को सशक्त करने का उनका जुनून हमेशा याद रखा जाएगा. उनका असामयिक निधन अत्यंत चौंकाने वाला और दुखद है. उनके परिवार और असंख्य प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं ओम शांति.’
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का शोक संदेश
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के असमय निधन की खबर से गहरा आघात पहुंचा है. अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में वे महाराष्ट्र के विकास के लिए समर्पित रहे. जनता के प्रति उनके करुणाभाव और सेवा-भावना को हमेशा याद किया जाएगा. मैं उनके परिवार और समर्थकों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं.’
पांच लोगों को लेकर जा रहा था विमान
इस हादसे पर डीजीसीए ने कहा कि अजित पवार और चालक दल के दो सदस्यों सहित पांच लोगों को ले जा रहा एक विमान बुधवार को बारामती हवाई अड्डे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस घटना में विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई. अधिकारी ने बताया कि नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के अधिकारियों की एक टीम दुर्घटनास्थल की ओर रवाना हो रही है. उन्होंने बताया कि हादसे के वक्त ‘लीयरजेट 45’ विमान में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार, दो अन्य कर्मी (एक पीएसओ और एक परिचारक) और चालक दल के दो सदस्य (पायलट-इन-कमांड और प्रथम अधिकारी) समेत पांच लोग सवार थे.
चश्मदीद ने बताया भयावह मंजर
विमान हादसे के समय मौके पर मौजूद एक चश्मदीद ने बताया, “मैंने यह अपनी आंखों से देखा. यह सच में बहुत दुखद है. जब विमान नीचे आ रहा था, तो ऐसा लगा कि यह क्रैश हो जाएगा, और यह क्रैश हो गया. फिर इसमें धमाका हुआ. बहुत बड़ा धमाका हुआ. उसके बाद, हम यहां भागे और देखा कि विमान में आग लगी हुई थी. विमान में फिर से 4-5 धमाके हुए. और लोग यहां आए, और उन्होंने लोगों को (विमान से) बाहर निकालने की कोशिश की. लेकिन क्योंकि यह बहुत बड़ी आग थी, इसलिए लोग मदद नहीं कर पाए. अजित पवार विमान में सवार थे और यह हमारे लिए बहुत दुखद है. मैं इसे शब्दों में बयान नहीं कर सकता.”
20 साल की उम्र में शुरू हुआ राजनीतिक सफर
अजित पवार के राजनैतिक जीवन की शुरुआत चाचा शरद पवार के नक्शेकदम पर चल हुई. अजित ने 1982 में सार्वजनिक जीवन में कदम रखा. उस समय उनकी उम्र 20 साल थी. राजनीति की उनकी शुरुआत सहकारिता क्षेत्र से हुई,जब वे एक सहकारी चीनी मिल के बोर्ड के लिए चुने गए. इसके बाद 1991 में वे पुणे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष बने और करीब 16 वर्षों तक इस अहम पद पर बने रहे. सहकारिता क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ ने उन्हें ग्रामीण राजनीति में एक प्रभावशाली चेहरा बना दिया.
पहली बार 1991 में लड़ा चुनाव और संसद पहुंचे
अजित पवार ने 1991 में बारामती लोकसभा सीट से पहली बार संसद में प्रवेश किया. हालांकि बाद में उन्होंने यह सीट अपने चाचा शरद पवार के लिए खाली कर दी. फिर वह उसी वर्ष महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुने गए और नवंबर 1992 से फरवरी 1993 तक कृषि और बिजली राज्य मंत्री रहे. वे बारामती विधानसभा क्षेत्र से अब तक सात बार महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुने जा चुके हैं. उनकी पहली जीत 1991 के उपचुनाव में हुई और इसके बाद उन्होंने 1995, 1999, 2004, 2009 और 2014 में लगातार जीत दर्ज कर क्षेत्र में अपना दबदबा कायम रखा.
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