Health tips: विटामिन B12 की कमी एक आम स्वास्थ्य समस्या है जो लाखों भारतीय शाकाहारियों को प्रभावित करती है. शरीर को नर्व फ़ंक्शन बनाए रखने, रेड ब्लड सेल्स बनाने और एनर्जी पैदा करने के लिए इस ज़रूरी न्यूट्रिएंट की ज़रूरत होती है, लेकिन शाकाहारी लोग अक्सर इसे पर्याप्त मात्रा में नहीं ले पाते. हालाँकि, सप्लीमेंट्स के अलावा, कुछ वेजिटेरियन भारतीय फ़ूड आपके B12 लेवल को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं.
विटामिन B12 क्या है और क्यों ज़रूरी है?
Vitamin B12, जिसे Cobalamin कहा जाता है, एक पानी में घुलने वाला विटामिन है.
यह हमारे शरीर की कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में शामिल रहता है —
- यह DNA बनाने में मदद करता है.
- यह Red Blood Cells (लाल रक्त कोशिकाएं) बनाने में ज़रूरी है, जिससे शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति सही रहती है.
- यह Nervous System (तंत्रिका तंत्र) को मजबूत रखता है.
- यह दिमाग़ और मनोदशा को संतुलित करने में मदद करता है.
अगर हमारे शरीर में इसकी कमी हो जाए, तो मानसिक थकान, कमजोरी और ध्यान न लगने जैसी कई दिक्कतें हो सकती हैं. इसलिए इसे “Energy Vitamin” भी कहा जाता है.
विटामिन बी12 की कमी के लक्षण
- थकान और कमजोरी: विटामिन बी12 की कमी के सबसे आम लक्षणों में से एक लगातार थकान और ऊर्जा की कमी महसूस होना है.
- पीली या पीलियाग्रस्त त्वचा: विटामिन B12 की कमी से लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में कमी के कारण त्वचा पीली या फीकी पड़ सकती है.
- तंत्रिका संबंधी समस्याएं: इसकी कमी से तंत्रिका क्षति हो सकती है, जिससे झुनझुनी, सुन्नता या चलने में कठिनाई हो सकती है.
- सांस फूलना: लाल रक्त कोशिकाओं की कमी के कारण होने वाले एनीमिया से सांस लेने में कठिनाई या दिल की धड़कन तेज हो सकती है.
- स्मृति हानि और संज्ञानात्मक समस्याएं: विटामिन बी12 की कमी मस्तिष्क के कार्य को प्रभावित कर सकती है, जिससे स्मृति संबंधी समस्याएं, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई और मनोदशा में परिवर्तन हो सकते हैं.
- जीभ में सूजन और मुंह के छाले: जीभ में सूजन और मुंह के छाले विटामिन बी12 की कमी के सामान्य लक्षण हैं.
- मनोदशा में परिवर्तन: विटामिन बी12 मनोदशा और मानसिक स्वास्थ्य को नियंत्रित करने में भूमिका निभाता है. इसकी कमी से अवसाद, चिड़चिड़ापन और चिंता हो सकती है.
विटामिन B12 की कमी इन फूड्स से होगी दूर
- दूध: गाय के दूध में 1.1 माइक्रोग्राम विटामिन B12 होता है, जो रोज़ाना वयस्कों के लिए ज़रूरी 2.4 माइक्रोग्राम विटामिन B12 का 45% पूरा करता है. रिसर्च से पता चलता है कि दूध में B12 ऐसे रूप में होता है जिसे शरीर उम्र या पेट के एसिड लेवल की परवाह किए बिना आसानी से ज़्यादा मात्रा में एब्ज़ॉर्ब कर सकता है.
- दही: 100 ग्राम दही में लगभग 0.2-0.4 माइक्रोग्राम से लेकर 0.4-0.9 mcg तक विटामिन B12 पाया जाता है. यह शाकाहारी लोगों के लिए विटामिन B12 का एक अच्छा स्रोत है, जो शरीर में तंत्रिका स्वास्थ्य और लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है. प्रोबायोटिक्स से भरपूर होने के कारण, यह गट हेल्थ को सुधारता है, पाचन को सुदृढ़ करता है, प्रतिरक्षा को बढ़ाता है और पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाता है. यह कैल्शियम और प्रोटीन का भी बेहतरीन स्रोत है.
- पनीर: 100 ग्राम पनीर में विटामिन बी12 की मात्रा लगभग 0.5 से 1.2 माइक्रोग्राम होती है, जो आपके द्वारा बताए गए 0.2-0.4 माइक्रोग्राम से अधिक है. यह शाकाहारियों के लिए विटामिन बी12 का बेहतरीन स्रोत है. यह लैक्टो-वेजिटेरियन लोगों के लिए फायदेमंद है. रिसर्च से पता चलता है कि पनीर का फटा हुआ टेक्सचर खाना बनाते समय B12 के लेवल को बनाए रखता है, जो दूसरे प्रोसेस्ड चीज़ में नहीं होता.
- फोर्टिफाइड अनाज (शुगर-फ्री): फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ शाकाहारियों और वीगन लोगों के लिए विटामिन B12 का एक विश्वसनीय स्रोत हैं. इनमें अतिरिक्त पोषक तत्व मिलाए जाते हैं, जो शरीर में आसानी से अवशोषित हो जाते हैं.
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