क्या ब्रह्मांड में भी है जीवन? एलियंस हैं या नहीं, कब-कब मिला उनकी मौजूदगी का सबूत

Aliens Existence: परग्रही जीवन  या बाह्य अंतरिक्षीय जीवन , एक काल्पनिक जीवन है जो संभवतः पृथ्वी के बाहर मौजूद हो सकता है और जिसकी उत्पत्ति पृथ्वी पर नहीं हुई है. परग्रही जीवन सरल जीवों, जैसे बैक्टीरिया और आर्किया से लेकर बुद्धिमान और यहां तक ​​कि विवेकशील प्राणियों तक हो सकता है. सैद्धांतिक रूप से, परग्रही जीवन पृथ्वी पर मौजूद जीवन से कम या ज्यादा उन्नत हो सकता है. बाह्य अंतरिक्षीय जीवन के विज्ञान को खगोल जीव विज्ञान कहा जाता है. इसी बीच आइए जानते हैं कि आखिर कब-कब एलियंस की मौजूदगी के सबूत मिले हैं.

क्या अन्य ग्रहों पर भी मौजूद है जीवन

वैज्ञानिकों का कहना है कि ब्रह्मांड बहुत विशाल है, जैसे हमारे सौरमंडल के बाहर हजारों ग्रह ऐसे हैं, जिनके सतह पर पानी और जीवन के अनुकूल परिस्थितियाँ हो सकती हैं. इसलिए जीवन का कहीं और होना संभव माना जाता है लेकिन पुष्टि नहीं हुई है. उदाहरण के लिए, नासा के साथ ही दुनियाभर के वैज्ञानिक कई ग्रहों जैसे मंगल, यूरोपा, एनसेलाडस पर जीवन के निशानों की खोज कर रहे हैं.

शुरुआती यूएफओ देखे जाने से दुनिया भर में उत्सुकता 

वाशिंगटन में माउंट रेनियर के पास सन् 1947 में नौ चमकीली चीजें उड़ती हुई देखीं थी. इस घटना के विवरण से मशहूर शब्द फ्लाइंग सॉसर बना. न्यू मैक्सिको में मिले रहस्यमयी मलबे से एलियन स्पेसक्राफ्ट की अफवाह फैली. मलबा एक वेदर बैलून का था लेकिन कॉन्सपिरेसी थ्योरी आज भी बनी हुई है.

किडनैपिंग के दावे

1957 मेड टैक्सास में लेवललैंड लाइट्स केस में आसमान में अजीब रोशनी की कई रिपोर्टें आई. कुछ गवाहों ने ऐसा दावा किया कि उनकी कार के इंजन बंद हो गए थे. बाद में इन्वेस्टिगेटर्स ने कहा कि यह घटना बॉल लाइटिंग हो सकती है. 1966 में बेट्टी और बार्नी हिल ने दावा किया कि उन्हें एलियंस ने किडनैप कर लिया था. उनकी कहानी यूएफओ की कहानियों का हिस्सा बनी हुए हैं हालांकि किसी भी साइंटिफिक सबूत ने उनके दावों की पुष्टि नहीं की.

मॉडर्न साइंटिफिक इन्वेस्टिगेशन 

बीते कुछ सालों में एलियंस पर जीवन की खोज दिखने से साइंटिफिक एनालिसिस में बदल गई है. जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने 2025 में एक्सोप्लैनेट k2-18b के एटमॉस्फियर में डाइमिथाइल सल्फाइड के निशान पाए. पृथ्वी पर डाइमिथाइल सल्फाइड मुख्य रूप से समुद्री माइक्रोऑर्गेनाइज्म से बनता है. यह दिलचस्प होने के बावजूद साइंटिफिक चेतावनी भी देता है कि यह जीवन का पक्का सबूत नहीं है.

31/ एटलस का रहस्य

2025 में एस्टॉनोमर्स ने 31/एटलस नाम का एक अजीब एक्स्ट्रासोलर ऑब्जेक्ट देखा. इसकी अजीब हरकत और गैस निकलने से अंदाजा लगाया गया कि यह आर्टिफिशियल या टेक्नोलॉजिकल हो सकता है.

मार्स पर जीवन के संकेत

साइंटिफिक तौर पर कहें तो अभी एलियन जीवन का कोई पक्का सबूत नहीं है. इसलिए, फिलहाल यह रहस्य ही है कि एलियंस हैं या नहीं, और अगर हैं तो वे चुप क्यों हैं. विज्ञान लगातार खोज में है; मार्स पर जीवन के संकेत ढूंढने से लेकर दूर की आकाशगंगाओं से आने वाले रेडियो सिग्नल पकड़ने तक. हो सकता है आने वाले वर्षों में हमें इस सवाल का स्पष्ट जवाब मिल जाए.

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