Mysterious temple: धरती पर एक से बढ़कर एक कलात्मक मंदिर मौजूद है, जो जो सदियों पुरानी विरासत और अद्भुत वास्तुकला का प्रतीक माने जाते हैं. इन मंदिरों की खास बात यह है कि हजारों साल पुराने होने के बावजूद खूबसूरती और कई संरचनाएं आज भी मजबूती से खड़ी हैं. यही कारण है कि इतिहासकारों, पर्यटकों और श्रद्धालुओं के बीच इनका खास आकर्षण बना रहता है. कुछ मंदिर अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध हैं, तो कुछ अपने रहस्यमयी किस्सों और लोककथाओं की वजह से चर्चा में रहते हैं.
मजबूती के साथ खड़ा है ककनमठ मंदिर
आज हम बात कर रहे हैं रहस्यमयी ककनमठ मंदिर की. यह मंदिर मध्यप्रदेश के मुरैना के सिहौनिया कस्बे में स्थित है. इस मंदिर की ऊंचाई 120 फीट है. चौंकाने वाली बात से है कि ये मंदिर बिना किसी सीमेंट और चूने के बना है. इस मंदिर की नींव को बड़े-बड़े तूफान भी नहीं हिला पाए. इसके आसपास के सभी मंदिर नष्ट हो गए, लेकिन इस मंदिर पर कोई आंच तक नहीं आई.
भूतों ने एक रात में बनाया मंदिर?
मान्यता है कि भगवान शिव को समर्पित इस मंदिर का निर्माण इंसानों ने नहीं, बल्कि भूतों ने एक ही रात में किया था. कहा जाता है कि जैसे ही सुबह होने लगी, भूतों को काम अधूरा छोड़कर जाना पड़ा, इसलिए मंदिर अधूरा सा दिखाई देता है. इसी वजह से कई लोग इसे भूतों का मंदिर भी कहते हैं. हालांकि, इस कहानी का कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं है, लेकिन यह लोककथा मंदिर को और रहस्यमयी बना देती है.
ककनमठ मंदिर का इतिहास
कई लोगों का मानना है कि ककनमठ मंदिर का निर्माण 11वीं शताब्दी में हुआ, जिसका निर्माण कछवाहा वंश के राजा कीर्ति ने अपनी पत्नी के लिए करवाया था. राजा कीर्ति की पत्नी ककनावती भगवान शिव की बड़ी भक्त थी. आसपास कोई शिव मंदिर न होने के कारण उन्हें यहां शिव मंदिर बनवाना पड़ा.
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