DK Shivakuma: कर्नाटक में पिछले कुछ महीनों से मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही राजनीतिक अटकलों का दौर अब समाप्त हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने राज्य की कमान संभाल ली है। वह कर्नाटक के 34वें मुख्यमंत्री बने, उनके साथ 13 विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता जी परमेश्वर को नई सरकार में उपमुख्यमंत्री बनाया गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दरमैया के बेटे यतींद्र को भी मंत्री पद मिला है। राज्य में कांग्रेस सरकार के ढाई साल पूरे होने के बाद से ही इस बात को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं कि रोटेशन के आधार पर शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा या सिद्दरमैया पद पर बने रहेंगे। आखिरकार छह महीने की सियासी खींचतान के बाद कांग्रेस हाई कमान ने शिवकुमार के नाम पर मुहर लगा दी।
बता दे कि DK शिवकुमार को विगत 30 मई को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया था। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने लोक भवन में शिवकुमार, परमेश्वर और अन्य मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा के नेता विपक्ष राहुल गांधी और निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्दरमैया की उपस्थिति में शिवकुमार ने संविधान के प्रति शपथ ली।
जी परमेश्वर ने बीआर आंबेडकर के नाम पर शपथ ली। जिन अन्य विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली, उनमें केएच मुनियप्पा, केजे जार्ज, एमबी पाटिल, रामलिंगा रेड्डी, सतीश जारकीहोली, कृष्णा बायरेगौड़ा, प्रियांक खरगे, यूटी खादर, ईश्वर खंडरे, बायराथी सुरेश और शरण प्रकाश पाटिल शामिल हैं। खादर और यतींद्र को छोड़कर बाकी सभी सिद्दरमैया की पिछली सरकार में भी मंत्री थे। खादर विधानसभा अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देकर मंत्री बने हैं। नई सरकार में शामिल होने वाले यतींद्र एकमात्र एमएलसी हैं, बाकी सभी विधायक हैं।
शपथ ग्रहण समारोह शामिल हुए कई समुदायों के धार्मिक नेता
शपथ ग्रहण समारोह में विभिन्न मठों के प्रमुख और विभिन्न समुदायों के धार्मिक नेता भी उपस्थित थे। आमंत्रित अतिथियों में कनकपुरा के डोड्डालाहल्ली स्थित एक सरकारी स्कूल के छात्र भी शामिल थे। डोड्डालाहल्ली शिवकुमार का पैतृक गांव है। शपथ ग्रहण समारोह में श्रमिकों, नगर निगम कार्यकर्ताओं, किसान नेताओं, महिला स्वयं सहायता समूहों और कन्नड़ समर्थक संगठनों सहित समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।