Nag Panchami 2026: हिंदू धर्म में नाग देवता को पूजनीय माना गया है और श्रावण शुक्ल पंचमी के दिन नागपंचमी का पर्व श्रद्धा के साथ मनाया जाता है. इस बार नागपंचमी आने भी बस कुछ ही दिन बचे हैं. मान्यता है कि इस दिन नाग देवता की विधि-विधान से पूजा करने से सुख-समृद्धि बढ़ती है और सर्पदंश का भय दूर होता है.
शुभ मुहूर्त और तिथियां
- पंचमी तिथि आरंभ: 16 अगस्त 2026, शाम 04:52 बजे
- पंचमी तिथि समाप्त: 17 अगस्त 2026, शाम 05:00 बजे
- पूजा का शुभ समय: सुबह 05:51 AM से 08:29 AM [1]
नाग पंचमी पूजा विधि
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें.
- पूजा स्थान को साफ करें और एक चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं.
- चौकी पर नाग देवता की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें. कुछ घरों में दीवार पर गोबर या गेरू से नाग की आकृति भी बनाई जाती है.
- नाग देवता को कच्चा दूध और शहद अर्पित करें. ध्यान रखें कि यह प्रतीकात्मक अभिषेक है, जीवित सांप को दूध पिलाने की सलाह पशु कल्याण की दृष्टि से नहीं दी जाती.
- हल्दी, कुमकुम, चंदन और अक्षत चढ़ाएं.
- फूल, दूर्वा और लावा अर्पित करें.
- घी का दीपक जलाएं और अगरबत्ती व धूप जलाकर वातावरण को सुगंधित करें.
- नाग पंचमी मंत्र का जाप करें.
- नाग पंचमी व्रत कथा सुनें या पढ़ें.
- कपूर से आरती करें और अंत में क्षमा प्रार्थना करें.
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