Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा कि सत्य सनातन हिन्दू धर्म में सात मोक्षदायक पुरी का वर्णन है। अयोध्या मथुरा माया काशी काञ्ची अवन्तिका। पुरी द्वारावती चैव सप्तैता मोक्षदायिका।। अयोध्या धाम, श्री मथुरा जी,श्री मायापुरी अर्थात् हरिद्वार,श्री काशी पुरी,श्री काञ्ची पुरी,श्री अवंतिका पुरी अर्थात् उज्जैन, श्री द्वारिका पुरी।ये सात मोक्षदायक पूरी हैं। मोक्षदायक, मोक्षदायक का अर्थ है ईश्वर से मिलाने वाले ये सात मोक्ष दायक पूरी हैं। इन सात मोक्षदायक पुरी में किया गया पूजा-पाठ, दान-पुण्य,का बहुत अधिक फल होता है। और वह पुण्यफल जीव को ईश्वर की प्राप्ति कराने वाला होता है।
विष्णोः पादमवन्तिकां गुणवतीं मध्यञ्च काञ्चीपुरीं। नाभिं द्वारवतीं वदन्ति हृदयं मायापुरीं योगिनः।।
ग्रीवामूल मुदाहरन्ति मथुरां नासाञ्च वाराणसीम। एतद् ब्रह्मपदं वदन्ति मुनयोऽयोध्यां पुरीं मस्तकम्।।
रुद्रयामल में भगवान शंकर भगवती पार्वती को सात मोक्षदायक पुरियों का उपदेश करते हुए बताते हैं। सातों मोक्षदायक पुरी को भगवान के श्री विग्रह में बताया गया है। श्री अयोध्यापुरी को भगवान का मस्तक बताया गया है। समस्त पुरियों में श्री अयोध्यापुरी को सर्वश्रेष्ठ बताया गया है। रुद्रयामल में भगवान शंकर अयोध्या की महिमा बताते हुए कहते हैं कि- अयोध्या च परं ब्रह्म सरयूः सगुणः पुमान्। तन्निवासी जगन्नाथःसत्यं सत्यं वदाम्यहम्।।
अयोध्या धाम में और भगवान श्री सीताराम जी में रंच मात्र अन्तर नहीं है। भगवान श्री सीताराम जी ही अयोध्या धाम के रूप में दर्शन दे रहे हैं। श्री सरयू जी का जल सामान्य पानी नहीं है। पूर्णब्रह्म परमात्मा ही सगुण ब्रह्म सरयू जल के रूप में दर्शन दे रहे हैं और सरयू स्नान करने वाले का सर्वविधि मंगल कर रहे हैं। भगवान शंकर रूद्रयामल में कहते हैं कि अयोध्या में रहने वाले जीव भी परमात्मा ही है। सामान्य जीव जैसे जीव नहीं है। श्री अयोध्या धाम में भगवान अनेक रूप से दर्शन देकर समस्त जीवों का कल्याण कर रहे हैं।
सभी हरि भक्तों को पुष्कर आश्रम एवं गोवर्धनधाम आश्रम से साधु संतों की शुभ मंगल कामना, श्री दिव्य घनश्याम धाम, श्री गोवर्धन धाम कॉलोनी, बड़ी परिक्रमा मार्ग, दानघाटी, गोवर्धन, जिला-मथुरा, (उत्तर-प्रदेश) दिव्य मोरारी बापू धाम सेवा ट्रस्ट, गनाहेड़ा, पुष्कर जिला-अजमेर (राजस्थान).