Health Tips: मोटापा और ज्यादा वजन एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में वजन कम करने के लिए लोग डाइट, एक्सरसाइज और अपनी रोजमर्रा की आदतों में बदलाव जैसे अलग-अलग तरीकों को अपनाते है। इसी को लेकर हैदराबाद स्थित ICMR-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन की एक समीक्षा में अलग-अलग जीवनशैली आधारित तरीकों और उनके वजन के साथ-साथ मेटाबॉलिक हेल्थ पर पड़ने वाले असर को देखा गया है।
बता दें कि इस समीक्षा में बड़ी संख्या में पहले से किए गए शोधों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। इसमें 112 व्यवस्थित समीक्षाओं और मेटा-विश्लेषणों को शामिल किया गया, जिनके तहत 2,332 रैंडमाइज्ड नियंत्रित परीक्षणों और करीब 2.48 लाख प्रतिभागियों के आंकड़ों का अध्ययन किया गया। इन शोधों में 50 से ज्यादा देशों से जुड़े अध्ययन शामिल थे।
डाइट और एक्सरसाइज को साथ रखने से ज्यादा फायदा
जानकारी के अनुसार समीक्षा में सामने आया कि डाइट और शारीरिक गतिविधि को साथ लेकर चलने वाले कार्यक्रम वजन घटाने के साथ-साथ दिल और मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए भी ज्यादा बेहतर असर दिखा सकते हैं। 12 महीने से ज्यादा समय तक किए गए फॉलोअप में डाइट और फिजिकल एक्टिविटी को मिलाकर अपनाने वाले कार्यक्रमों से तुलना वाले समूह की अपेक्षा करीब 3.68 किलो ज्यादा वजन कम हुआ। यानी वजन घटाने के लिए केवल खाने में बदलाव करने के बजाय डाइट के साथ नियमित शारीरिक गतिविधि को शामिल करना ज्यादा प्रभावी हो सकता है।
स्वास्थ्य लाभ के लिए बहुत ज्यादा वजन घटाना जरूरी नहीं
बता दें कि समीक्षा का एक अहम निष्कर्ष यह रहा कि स्वास्थ्य में सुधार के लिए हमेशा बहुत अधिक वजन कम करना जरूरी नहीं है। शोध के मुताबिक जीवनशैली में सुधार से मिलने वाले कई स्वास्थ्य लाभ केवल वजन घटने की मात्रा पर निर्भर नहीं करते. इसलिए अगर कोई व्यक्ति सामान्य तौर पर निर्धारित 5 से 10 प्रतिशत वजन घटाने के लक्ष्य तक नहीं भी पहुंच पाता, तब भी पौष्टिक खान-पान, नियमित व्यायाम और सकारात्मक जीवनशैली अपनाना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है।