Delhi: देशभर में शिक्षक बनने का पूरा सिस्टम बदलने जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) ने भर्ती और TET के नियमों में संशोधन के लिए 2 हाई-लेवल एक्सपर्ट कमेटियां बना दी हैं।
क्यों हो रहा है बदलाव?
दरअसल NEP 2020 के तहत शुरू किया गया 4 साल का इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) का पहला बैच 2027 में पास आउट होगा। इससे पहले ही सरकार चाहती है कि ITEP वाले छात्रों को सरकारी भर्ती और CTET/STET में बैठने का मौका मिले। 2030 तक ITEP ही शिक्षक बनने की न्यूनतम योग्यता होगी।
ITEP क्या है और B.Ed से कैसे अलग?
• पहले: 12वीं + 3 साल ग्रेजुएशन + 2 साल B.Ed = कुल 5 साल
• अब ITEP में: 12वीं के बाद सीधे 4 साल में ग्रेजुएशन + B.Ed दोनों एक साथ
• NEP की 5+3+3+4 संरचना के तहत ही इसे डिजाइन किया गया है
अभी देश के 409 कॉलेजों में 38,850 सीटों पर ITEP चल रहा है।
दो कमेटियां क्या करेंगी?
1. भर्ती नियम वाली कमेटी: अध्यक्ष – पूर्व IAS प्रो. निर्मलजीत सिंह कलसी। ये NCTE के 2014 वाले भर्ती नियमों में ITEP को शामिल करेगी।
2. TET वाली कमेटी: अध्यक्ष – DU के रिटायर्ड प्रो. चंद किरण सलूजा। ये CTET और राज्य TET की गाइडलाइंस में बदलाव कर ITEP ग्रेजुएट को परीक्षा के योग्य बनाएगी।
मतलब साफ है, आने वाले 2-3 साल में बिना ITEP के सरकारी स्कूल में शिक्षक बनना मुश्किल हो जाएगा।