Astrology: सनातन धर्म में माला जप को मन की एकाग्रता और साधना के लिए बहुत जरूरी माना गया है. इसमें सिर्फ मंत्र ही नहीं, माला पकड़ने के भी नियम हैं. क्या आप जानते हैं जप करते समय एक उंगली को माला से दूर रखना चाहिए? आइए जानते हैं.
क्यों नहीं लगानी चाहिए तर्जनी उंगली?
जप के दौरान तर्जनी उंगली यानी Index Finger का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. धार्मिक मान्यता के अनुसार यह उंगली अहंकार और अधिकार का प्रतीक है, जबकि जप का मकसद अहंकार को मिटाकर मन को शांत करना है.
माला जप के 6 जरूरी नियम
1. इन दो उंगलियों से करें जप: माला को अनामिका (Ring Finger) पर टिकाएं और अंगूठे व मध्यमा उंगली से मनके फेरें. तर्जनी को हमेशा अलग रखें.
2. जमीन पर न छूने दें: जप के दौरान माला जमीन पर नहीं छूनी चाहिए, इसे अशुभ माना जाता है.
3. सुमेरू को न लांघें: माला में 108 मनकों के साथ एक बड़ा मनका सुमेरू होता है. सुमेरू तक पहुंचने पर माला को लांघें नहीं, बल्कि वहीं से पलटकर जप शुरू करें.
4. गोमुखी में रखें माला: जप करते समय माला को गोमुखी (कपड़े की थैली) में रखना चाहिए. इससे माला छिपी रहती है और ध्यान नहीं भटकता.
5. पवित्रता का ध्यान रखें: जप से पहले हाथ-पैर धो लें, साफ आसन पर बैठें और माला को नाभि से ऊपर हृदय के पास रखें.
6. सही दिशा और समय: ब्रह्म मुहूर्त में जप सबसे अच्छा माना जाता है. जप करते समय मुख पूर्व या उत्तर दिशा में रखें.
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