Injection vs Pills: चाहे कोई भी गंभीर संक्रमण हो, तेज दर्द हो या फिर कोई भी परेशानी हो डॉक्टर अक्सर गोलियों के बजाय इंजेक्शन को ही प्राथमिकता देते हैं. क्योंकि वे काफी ज्यादा तेजी से काम करना शुरू कर देते हैं. आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे की वजह.
पाचन तंत्र का बायपास होना: जब आप कोई गोली खाते हैं, तो वह पेट में घुलती है और फिर आंतों के जरिए अवशोषित (absorb) होती है. इसके बाद यह खून में मिलने से पहले लीवर से होकर गुजरती है, जो दवा की क्षमता और असर को कुछ कम कर देता है.
सीधे खून में पहुंचना: इंजेक्शन, विशेषकर इंट्रावेनस (IV) सीधे नसों में लगाए जाते हैं. दवा के खून में मिलते ही वह पूरी बॉडी में बहुत तेजी से फैल जाती है और अपना काम करना शुरू कर देती है.
उल्टी की स्थिति में मददगार: अगर किसी मरीज को लगातार उल्टियां हो रही हैं, तो पेट में गोली टिक नहीं पाती. ऐसे में इंजेक्शन सबसे कारगर विकल्प होता है क्योंकि इसे पाचन तंत्र की जरूरत नहीं होती.
इसे भी पढ़ें:-इस फ्राइडे थिएटर्स में दस्तक देंगी 6 नई फिल्में, देखें लिस्ट