तमिलनाडु दौरे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, ईशा योग केंद्र में महाशिवरात्रि समारोह में होंगे शामिल

Isha Mahashivratri: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रविवार को तमिलनाडु के ईशा योग केंद्र में आयोजित होने वाले 33वें महाशिवरात्रि समारोह में भाग लेंगे. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘एक्स’ पर बताया कि “महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर मैं सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं. आज मैं कोयंबटूर के ईशा योग केंद्र में महाशिवरात्रि समारोह में शामिल होने जा रहा हूं. मुझे इसका बेसब्री से इंतजार है.”

क्‍या है रक्षामंत्री के कार्यक्रम का शेड्यूल?

आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक, राजनाथ सिंह दोपहर 4:15 बजे फ्लाइट से कोयंबटूर पहुंचेंगे. हवाई अड्डे से वे शाम 4:25 बजे एक निजी हेलीकॉप्टर से ईशा योग केंद्र के लिए रवाना होंगे, जहां वे मुख्य समारोह में भाग लेंगे. इस दौरान समारोह में विशेष पूजा और संगीत प्रदर्शन शामिल हैं, जो पारंपरिक रूप से महाशिवरात्रि से जुड़ी पूरी रात की प्रार्थना की शुरुआत का प्रतीक हैं.

सात हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती

इस आयोजन में भारी भीड़ की आशंका को ध्‍यान में रखते हुए कोयंबटूर जिले भर में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है. साथ ही भीड़ को नियंत्रित करने, यातायात को सुचारू बनाने और श्रद्धालुओं और गणमान्य व्यक्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगभग 7,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है.

सुरक्षा जांच को और भी सख्त कर दिया गया है और आयोजन स्थल के आसपास के प्रमुख प्रवेश और निकास बिंदुओं पर अतिरिक्त निगरानी उपाय शुरू किए गए हैं. अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों के बड़ी संख्या में आगमन के प्रबंधन हेतू विशेष व्यवस्थाएं भी की हैं, जिनमें सुगम पहुंच मार्ग, बैरिकेडिंग प्रणाली और रणनीतिक स्थानों पर तैनात आपातकालीन प्रतिक्रिया दल शामिल हैं.

जानकारी के अनुसार समारोह में भाग लेने के बाद रक्षा मंत्री सोमवार को कोयंबटूर से रवाना होंगे. वे सुबह 10:35 बजे कोयंबटूर हवाई अड्डे पहुंचेंगे और सुबह 10:45 बजे नई दिल्ली के लिए उड़ान भरने भरेंगे.

ध्यानलिंग पर ‘पंच भूत क्रिया’ से प्रारंभ होगा उत्‍सव

आध्यात्मिक गुरु सद्‌गुरु द्वारा आयोजित यह वार्षिक कार्यक्रम विश्व स्तर पर सबसे अधिक देखे जाने वाले आध्यात्मिक आयोजनों में से एक है. रात भर चलने वाले उत्सव का प्रारंभ ध्यानलिंग पर ‘पंच भूत क्रिया’ से होगा, जो पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश पांच तत्वों का सम्मान करने वाला अनुष्ठान है. इसके बाद लिंग भैरवी महा यात्रा होगी, जो दिव्य स्त्रीत्व का उत्सव मनाने वाली एक भव्य शोभायात्रा है. सद्‌गुरु के नेतृत्व में भक्ति, संगीत और ध्यान सत्र आध्यात्मिक कार्यक्रम का मुख्य हिस्सा होंगे.

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