Religion: हिंदू धर्म में भाद्रपद (भादों) का महीना अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश उत्सव की शुरुआत होगी। 10 दिनों तक चलने वाला यह पावन पर्व अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति विसर्जन के साथ इसका संपन्न होगा। इस वर्ष गणेश चतुर्थी 14 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। इसी दिन हरतालिका तीज का भी संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक हरतालिका तीज की पूजा में इस्तेमाल बालू की प्रतिमा और पूजन सामग्री का विसर्जन करने के बाद ही गणपति की मूर्ति स्थापित करनी चाहिए। इस बार गणेशोत्सव का पर्व धार्मिक दृष्टि से और भी खास माना जा रहा है।
गणेश चतुर्थी 2026 की तिथि
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 14 सितंबर 2026, सुबह 05:22 बजे से
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तिथि समाप्त: 15 सितंबर 2026, सुबह 07:14 बजे तक
गणेश चतुर्थी पूजा विधि
सुबह स्नान करके स्वच्छ कपड़े पहनें और पूजा स्थान की सफाई करें। गंगाजल या शुद्ध जल का छिड़काव करें। चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर अक्षत रखें और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। घी या तेल का दीपक प्रज्वलित करके भगवान गणेश और अपने इष्ट देव का ध्यान करें। हाथ में जल, अक्षत और फूल लेकर परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना करते हुए पूजा का संकल्प लें। भगवान गणेश का ध्यान करके उनसे सभी विघ्न दूर करने और पूजा सफल बनाने की प्रार्थना करें। फूल और अक्षत अर्पित करते हुए भगवान गणेश का विधिवत आवाहन करें। गणेश जी को चंदन, कुमकुम, अक्षत, लाल फूल और दूर्वा अर्पित करें। भगवान गणेश के समक्ष धूप और दीप प्रज्वलित करके आराधना करें। गणेश जी को मोदक, लड्डू, फल या अन्य सात्त्विक प्रसाद का भोग लगाएं। पूजा के दौरान “ॐ गं गणपतये नमः” का जाप करें। श्रद्धानुसार गणेश स्तोत्र या अथर्वशीर्ष का पाठ भी कर सकते हैं। पूजा पूरी होने के बाद परिवार के साथ भगवान गणेश की आरती करें। पूजा में हुई किसी भी भूल के लिए गणपति से क्षमा मांगें और सुख-शांति की प्रार्थना करें। भगवान को चढ़ाया गया प्रसाद परिवार के सभी सदस्यों में श्रद्धापूर्वक वितरित करें।