Air Purifier: समंदर की लहरों में जो खूबसूरती, जो सुकून है वो दिलो-दिमाग को तरोताजा कर देती है. सागर किनारे बहती हवाओं में फेफड़ों की हिफाजत छिपी है. यकीनन जहां समंदर है, वहां हवा साफ है. जहां साफ हवा है, वहां सांस लेना आसान है और जहां सांस लेना आसान है, वहीं जिंदगी बेहतर है. जी हां कोस्टल एरियाज में रहने वाले लोगों के फेफड़े, बड़े महानगरों में रहने वाले लोगों से ज्यादा हेल्दी होते हैं. उनकी सांसों में कम जहर होता है और उनके लंग्स पर पॉल्यूशन का प्रेशर भी बहुत कम पड़ता है. लेकिन सवाल ये है ऐसा क्यों होता है?
समंदर किनारे हवा के साफ होने के प्रमुख कारण-
- प्राकृतिक एयर प्यूरीफायर (Natural Air Purifier): समुद्री पानी में नमक और खारापन होता है, जो हवा में मौजूद गंदे कणों को सोखकर उन्हें नीचे बिठा देता है, जिससे हवा साफ हो जाती है.
- समुद्री हवा (Sea Breeze): समुद्र की सतह से आने वाली हवाएं अक्सर ठंडी और साफ होती हैं, जो जमीन की ओर आने पर प्रदूषण को दूर करती हैं.
- नेगेटिव आयन्स (Negative Ions): समुद्र की लहरों के टकराने से हवा में नेगेटिव आयन्स पैदा होते हैं, जो सांस लेने में आसान, फ्रेश और हेल्दी हवा बनाते हैं.
- प्रदूषण कम होना: तटीय क्षेत्रों में महानगरों की तुलना में मानवीय गतिविधियों और धूल-मिट्टी के कण कम होते हैं.
- बारिश द्वारा सफ़ाई: समुद्र के ऊपर बने बादल, अक्सर बारिश के जरिए हवा से प्रदूषकों को धो देते हैं.
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