Ghazipur: जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था, मुख्यालय मथुरा से संस्थाध्यक्ष संत पंकज जी महाराज के सानिध्य में चल रही 83 दिवसीय जनजागरण यात्रा ने कल ग्राम अतरौला खेल मैदान में पड़ाव किया। हजारों की संख्या में बहनों और भाईयों ने कलश, गाजे-बाजे व पुष्पवर्षा के साथ काफिले का स्वागत किया। यहां आयोजित सत्संग सभा को सम्बोधित करते हुए महाराज जी ने कहा कि संतों-महात्माओं के सत्संग में किसी व्यक्ति विशेष, धर्म, जाति की निन्दा आलोचना नहीं की जाती है। यहां तो परमात्मा की भक्ति की प्रेरणा दी जाती है। पैदा होने से पहले सभी ने भगवान से वादा किया था कि हमें मनुष्य शरीर दे दीजिये।
हम किसी संत महात्मा से रास्ता लेकर साधन भजन करेंगे लेकिन यहां आने के बाद सब भूल कर दुनियां की चीजों को जुटाने में लग गये। शराब, कबाब, मांस, मछली, अण्डा में सुख ढूढ़ने की कोशिश करने लगे। चरित्र पतन जैसे रास्ते पर चल पड़े, भला इससे सुख कैसे मिलेगा। जबसे सृष्टि बनी तब से हम लोग जन्म-मरण के चक्कर में यहीं, यहां दुःख पा रहे हैं। हम अपने शरीर को सजाने संवारने में लगे हैं। दिन रात इसको भोजन देने में लगे हैं, लेकिन जीवात्मा जिसके बल पर यह शरीर चल रहा है जन्मों-जन्मों से भूखी प्यासी है। इसके बारे में कभी नहीं सोचा।
इसका भोजन शब्द है जो भजन से मिलेगा। किसी सुरत शब्द नाम योग साधना के साधक महात्मा से रास्ता लेकर साधन भजन करें। इससे आपकी जीवात्मा को बल मिलेगा। उसके सहारे आप अपने घर निकल चलें। ‘‘दिवस बिताया खाय कै, रात बिताई सोय। हीरा जन्म अमोल था, कौड़ी बले जाय।।’’ संत पंकज जी महाराज ने कलयुग की सरल साधना का रास्ता सुरत शब्द योग (नाम योग) का रास्ता बताया जिसे गृहस्थ जीवन में रहकर आसानी से किया जा सकता है। सभी को विश्वास दिलाया कि रास्ता सच्चा है, करोगे तो अनुभव होगा।
चरित्र उत्थान समय की मांग है। चरित्र मानव जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। भगवान की भक्ति के लिये शाकाहारी, सदाचारी व नशामुक्त होना आवश्यक है। आपस में मिलजुलकर रहें, निःस्वार्थ भाव से एक-दूसरे की सेवा करें।। अच्छे समाज के निर्माण में भागीदार बनें।
आगामी 3 से 5 मार्च तक जयगुरुदेव आश्रम आगरा-दिल्ली बाईपास मथुरा में आयोजित होली सत्संग मेले में आने के लिये सभी को महाराज जी ने आमंत्रित किया। आज सत्संग समारोह में भाग लेने के लिये धन्यवाद देते हुए सभी के उज्वल भविष्य की मंगल कामना किया। शांति व्यवस्था में पुलिस प्रशासन का सहयोग रहा।
इस अवसर पर शिवनारायण चौहान, चन्द्रदेव यादव, सुनील कुशवाहा, अजीत कुशवाहा, कैलास यादव, हीरामन गौड़, सूर्यनाथ कुशवाहा, संतोष गुप्ता ‘पूर्व प्रधान’ जलालाबाद, चन्द्रिका यादव, सहयोगी संगत लखनऊ के नन्दपाल, बाबूलाल रावत आदि मौजूद रहे। यात्रा अगले पड़ाव भोजापुर थाना मरदह के लिये प्र्स्थान कर गई।