Border-2: सनी देओल और वरुण धवन की फिल्म ‘बॉर्डर 2’ ने बॉक्स ऑफिस को हिलाकर रख दिया है. लोग ट्रक में भर-भरकर सनी देओल की फिल्म को देखने जा रहे हैं. सिनेमाघरों के बाहर सनी देओल के पोस्टर को दूध से नहलाया जा रहा है. बॉर्डर 2 के आते ही फैंस ने सनी देओल को साउथ सुपरस्टार बना दिया है. इसी बीच वो आंकड़े भी आ गए हैं जिनको देखकर सबकी आंखें फटने वाली हैं. पहले ही दिन सनी देओल की फिल्म ने ताबड़तोड़ कमाई कर डाली है. इसके साथ ही फिल्म ‘बॉर्डर 2’ ने धुरंधर के रिकॉर्ड तो भी तोड़ डाला है.
‘बॉर्डर 2’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन डे 1
सनी देओल स्टारर ‘बॉर्डर’ (1997) ने पहले दिन यानी ओपनिंग डे पर 1.10 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था. और भारत में लाइफटाइम नेट कलेक्शन 39.30 करोड़ रुपये रहा था. वहीं, ‘बॉर्डर 2’ ने पहले शुक्रवार, 23 जनवरी को भारत में करीब 30 करोड़ रुपये की कमाई करके अच्छे-अच्छों को पटखनी दे दी है. और दूसरी सबसे बड़ी रिपब्लिक डे हिंदी रिलीज बन गई है.
‘धुरंधर’ से भी बड़ी ओपनिंग फिल्म बनी ‘बॉर्डर 2’
‘बॉर्डर 2’ ने रणवीर सिंह की ‘धुरंधर‘ को ओपनिंग डे की कमाई के मामले में पीछे छोड़ दिया है. जहां आदित्य धर की फिल्म ने पहले दिन 28 करोड़ रुपये कमाए थे. उससे दो करोड़ ज्यादा कमाकर सनी देओल की बल्ले-बल्ले हो गई है. लेकिन 2025 की सबसे बड़ी ओपनिंग रिलीज की बात करें तो ‘छावा’ ने गर्दा उड़ाया था और 31 करोड़ रुपये कमाए थे. जिस हिसाब से सनी, विक्की का रिकॉर्ड नहीं तोड़ सके. मगर निराश होने की कोई जरूरत नहीं, अभी लॉन्ग वीकेंड यानी शनिवार, रविवार और सोमवार को 26 जनवरी की छुट्टी के कारण इस वॉर मूवी की चांदी ही चांदी होगी, जिससे कई नए रिकॉर्ड्स बनेंगे और पुराने टूटेंगे.
‘बॉर्डर 2’ की कहानी
सबसे पहले बात करते हैं कहानी की…सनी पाजी फतेह सिंह के किरदार में फिर से लौट आए हैं. शुरुआत 1971 की भारत-पाकिस्तान जंग से होती है जहां दुश्मन देश एक बार फिर अपने नापाक इरादे लेकर इंडिया के बॉर्डर में घुसपैठ करने की कोशिश करता है. लेकिन इस बात से अंजान कि सिख रेजिमेंट के फतेह सिंह अपने फौजियों के साथ उनका स्वागत करने के लिए खड़े हैं. इधर मेजर होशियार दहिया उर्फ वरुण धवन भी अपने जवानों के साथ पाकिस्तान के हर नापाक मंसूबों को नाकाम करने की तैयारी में हैं. यहां होशियर दहिया याद करता है अपने उन दो दोस्तों को, जिनकी तस्वीर वो अपने साथ लेकर आया है. यहां से कहानी 10 साल पीछे जाती है जब होशियार की महेंद्र सिंह रावत (अहान शेट्टी) और निर्मल सिंह (दिलजीत दोसांझ) से मुलाकात होती है. फिल्म अब साल 1961 में नेशनल वॉर अकादमी को दिखाती है जहां तीनों सेनाओं को एक साथ ट्रेन किया जाता है. यहीं पर होशियर की मुलाकात महेंद्र और निर्मल से होती है. यहां से फिल्म की कहानी आगे बढ़ती है और तीनों अपने परिवारों से दूर एक दूसरे में ही खुद के परिवार को पा लेते हैं. आगे की कहानी जानने के लिए आपको फिल्म देखने जाना होगा.
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