Interesting information: कल्पना कीजिए अगर सूरज अचानक बुझ जाए… तो? यह सवाल अजीब जरूर लगता है, लेकिन अगर ऐसा हुआ तो क्या सच में सबकुछ खत्म हो जाएगा? क्या पृथ्वी मर जाएगी? क्या अंतरिक्ष में मौजूद एस्ट्रोनॉट्स बच पाएंगे? और क्या हमारा पूरा सौरमंडल हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा? लाइव साइंस की एक रिपोर्ट में इन सभी सवालों के जवाब दिए गए हैं, जिन्हें जानने के बाद आप खुद भी हैरान रह जाएंगे.
जीवन की धुरी है सूरज
सूरज सिर्फ रोशनी और गर्मी देने वाला तारा नहीं है. ये सौरमंडल का केंद्र है और इसकी गुरुत्वाकर्षण शक्ति ही पृथ्वी सहित सारे ग्रहों को उसकी कक्षा में बनाए रखती है. सूरज 4.6 अरब साल से जल रहा है और अभी भी यह लगभग 5 अरब वर्षों तक जलता रहेगा. लेकिन जब एक दिन इसकी ईंधन यानी हाइड्रोजन खत्म हो जाएगी, तो इसके साथ ही सौरमंडल की विनाशगाथा की शुरुआत होगी.
अगर सूरज धीरे-धीरे मंद पड़ने लगे
मान लीजिए सूरज अचानक नहीं, बल्कि धीरे-धीरे अपनी चमक खोने लगे तो क्या हो. ऐसे में सबसे पहले असर तापमान पर पड़ेगा. धरती ठंडी होने लगेगी, दिन छोटे और सर्द होते जाएंगे. गर्म इलाकों में भी ठंड महसूस होने लगेगी. मौसम का चक्र बिगड़ जाएगा और बारिश, बर्फबारी तथा हवाओं का पैटर्न बदल जाएगा.
खेती और खाने पर सबसे बड़ा संकट
सूरज की रोशनी कम होते ही सबसे पहला झटका खेती को लगेगा. पौधों में होने वाली फोटोसिंथेसिस की प्रक्रिया धीमी पड़ जाएगी या पूरी तरह रुक सकती है. फसलें उगनी बंद होंगी, हरी सब्जियां और अनाज धीरे-धीरे गायब होने लगेंगे. जब पौधे नहीं बचेंगे, तो उन्हें खाने वाले जानवर भी ज्यादा समय तक जीवित नहीं रह पाएंगे. नतीजा यह होगा कि दुनियाभर में भयानक खाद्य संकट हो जाएगा.
इंसान को क्यों होगा ज्यादा खतरा?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सूरज की चमक कम होने पर सबसे पहले इंसानों के अस्तित्व पर खतरा आएगा. ठंड से बचने के लिए लोगों को जमीन के नीचे या बंद संरचनाओं में रहना पड़ेगा. ऊर्जा की मांग बढ़ेगी, लेकिन संसाधन घटते जाएंगे. बीमारियां फैलेंगी, शरीर में विटामिन-डी की भारी कमी होगी और सामाजिक ढांचा धीरे-धीरे टूटने लगेगा.
जलवायु और इकोसिस्टम में बड़ा बदलाव
सूरज के कमजोर पड़ते ही धरती का पूरा इकोसिस्टम बदल जाएगा. बर्फीले इलाके फैलने लगेंगे, ग्लेशियर बढ़ेंगे और समुद्र का तापमान गिरेगा. मौसम असंतुलित होगा और कई प्रजातियां धीरे-धीरे विलुप्त होने लगेंगी. यह प्रक्रिया भले ही तुरंत न हो, लेकिन इसके संकेत शुरुआती वर्षों में ही दिखने लगेंगे.
अगर सूरज अचानक गायब हो जाए तो?
सूरज के बुझने की प्रक्रिया धीरे-धीरे शुरू होगी. पहले यह लाल दानव (Red Giant) में बदल जाएगा और अपनी सीमा में बुध और शुक्र जैसे ग्रहों को निगल लेगा. संभावना है कि पृथ्वी भी इसमें समा जाए. अगर नहीं भी समाई, तो उसकी सतह से जीवन लुप्त हो जाएगा. गर्मी नहीं, प्रकाश नहीं, बस बर्फ और अंधकार बचेगा.
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