Ghazipur: जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था मथुरा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत पंकज जी महाराज गाजीपुर के 83 दिवसीय काफिले के साथ कल सायंकाल ब्लॉक देवकली के ग्राम सोन्हौली पधारे। वहां पहुंचने पर उपस्थित भाइयों-बहनों ने बहुत ही उल्लासपूर्ण स्वागत किया। अपने सत्संग सम्बोधन में पूज्य महाराज जी ने कहा कि ‘‘यह जन्म तुम्हें अनमोल मिला, जो चाहे इससे कमा बाबा। कुछ दिन कमा, कुछ दुनिया कमा, कुछ हरि के हेतु लगा बाबा।।’’ उस परमपिता परमात्मा ने अति दया करके आपको यह मनुष्य शरीर दे दिया और देते समय यह कहा था कि तुम मेरे मकान के द्वारा उस मालिक की भक्ति करके अपनी जीवात्मा का कल्याण करा लेना।
यह मनुष्य शरीर तुमको किराये पर कुछ समय के लिये दिया गया है। समय पूरा होगा तो मैं अपने सिपाहियों को भेजूंगा तो तुम मेरे मकान को खाली कर देना। उस समय न कोई जमीन जायदाद काम आयेगी, न जाति बिरादरी काम आयेगी। लोग इस मिट्टी के पुतले को ले जाकर शमशान घाट में जलाकर राख कर देंगे या दफन कर देंगे। जिस जाति-बिरादरी के लिये हम लोग लड़ते और झगड़ते थे। जिस धन दौलत को पाने के लिये आपने न जाने कितने बुरे खोटे कर्म किये, मौत के समय न ये जाति बिरादरी, न धन दौलत काम आया। सब कुछ यहीं छूट गया।
इस जीवात्मा को ले जाकर ऊपर धर्मराज की कचहरी में पेश कर दिया जायेगा। पलक झपकते ही आपके अच्छे-बुरे कर्मों का हिसाब हो जायेगा। धर्मराज तुमको सजा सुना देंगे। ले जाओ इनको फला नर्क में डाल दो क्योंकि मैने इनको मौका दिया था कि अबकी बार धर्म पुस्तकों को पढ़कर किसी संत महात्मा द्वारा बताये गये मार्ग पर चलकर उस मालिक की भक्ति करके जीवात्मा का कल्याण करा लें। हमारे इस किराये के मकान में रहकर इन्होंने खोटे-बुरे कर्म करके शरीर को गंदा कर दिया। इसलिये इनके कर्मों की सजा अवश्य मिलेगी। इसलिये ग्रहस्थ आश्रम में रहकर अपना लोक और परलोक दोनों बना लें।
उन्होंने कहा इस मनुष्य शरीर में आध्यात्मिक खजाना भरा हुआ है। आंखों से ऊपर ब्रम्हाण्डों का बहुत बड़ा विस्तार है। जब आप बताई हुई विधि से साधना करेंगे तो गुरु कृपा से आपकी आत्मा प्रभु के देश से आने वाली आकाशवाणी से जुड़ जायेगी। आप त्रिकालदर्शी हो जायेंगे। इस दुनिया के मालिक को जिसको त्रिलोकीनाथ कहते हैं। उनको हिंदू ईश्वर, मुसलमान खुदा तथा इसाई गॉड कहते हैं। लफ्जों का अंतर है पर वह एक है। उस ईश्वर का देश राजधानी है। वहां से तीनों लोक की रचना नियंत्रित होती है। साधना करने पर ये सारे दृश्य आपको दिखाई देने लगेंगे जिनको देखकर आप फूले नहीं समायेंगे।
संस्थाध्यक्ष ने कहा कि संत महात्मा जीवों को नर्कों चौरासी से बचाना चाहते हैं, बचाकर आपको अपने निजघर सच्चे वतन पहुंचाना चाहते हैं। इसलिये आप मानवतावादी बनें। सत्य, दया, करुणा को जीवन में अपनायें और मानव जीवन सफल बनायें। गांव-गांव के लोगों के जीवन को शाकाहारी-सदाचारी व नशामुक्त बनाकर अच्छे समाज के निर्माण में भागीदार बनें।
इस अवसर पर शिवनारायण चौहान , इंद्रदेव यादव, चंद्रशेखर यादव, श्याम नारायण कुशवाहा, ग्राम प्रधान मंसूर आलम, ग्राम प्रधान देवकली सोनू तिवारी, सहयोगी संगत के बेचू प्रसाद गुप्ता बांके लाल आदि मौजूद रहे। शान्ति व्यवस्था में पुलिस प्रशासन का सहयोग रहा। कार्यक्रम के बाद धर्म यात्रा अगले पड़ाव जेवल खेल मैदान के लिये प्रस्थान कर गई। यहां कल (आज) दोप. 12 बजे से सत्संग आयोजित है।