मंगलवार के दिन जरूर करें ये 5 काम, बदल जाएगा आपका भाग्य

Tuesday remedies: सनातन परंपरा में मंगलवार का दिन पवनपुत्र हनुमान जी और भूमिपुत्र मंगल देवता की पूजा के लिए समर्पित है. सनातन परंपरा में हनुमान जी को चिरंजीवी माना गया है, जिनका सुमिरन करते ही वह अपने भक्तों की रक्षा करने के लिए चले आते हैं, वहीं मंगल देवता को पराक्रम का देवता मना गया है जो व्यक्ति के भीतर ऊर्जा, साहस और आत्मविश्वास भरने का कार्य करते हैं. यदि आप लंबे समय से किसी बड़ी समस्या से परेशान चल रहे हैं या फिर आप पर कर्ज का बड़ा बोझ हो गया है, जो तमाम कोशिशों के बावजूद नहीं उतर पाया है तो आपको आज इस लेख में बताए गये उपायों का पालन करें. मंगलवार के दिन कुछ खास उपाय करने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूरी कर सकते हैं. 

पीपल के पत्ते का उपाय 

हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए मंगलवार का दिन सर्वश्रेष्ठ होता है. इस दिन आर्थिक तंगी दूर करने के लिए पीपल के पत्ते का उपाय बहुत कारगर माना जाता है. आज के दिन बजरंगबली को 11 पीपल के पत्ते अर्पित करें. ध्यान रखें कि इसमें से एख भी पत्ता खंडित नहीं होना चाहिए. इन पत्तों की माला बनाकर हनुमान जी को अर्पित करने से भी लाभ होता है.

नारियल का उपाय 

मंगलवार के दिन नारियल से जुड़ा ये उपाय भी बेहद खास होता है. आज के दिन नारियल लेकर किसी हनुमान मंदिर में जाएं. अब अपने सिर से 7 बार इसे घुमाकर हनुमान जी के सामने फोड़ दें. इससे आपके घर से सारी विपत्तियां दूर हो जाएंगी

सिंदूर का उपाय 

मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर का चोला चढ़ाना शुभ होता है. आज के दिन हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करने से बजरंगबली जल्दी प्रसन्न होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं.

तुलसी का उपाय 

हनुमान जी को तुलसी बेहद प्रिय है. मंगलवार के दिन हनुमान जी के चरणों में तुलसी के पत्ते पर सिंदूर से श्री राम लिखकर उन्हें अर्पित करें. इस उपाय से बजरंग बली प्रसन्न होते हैं और भक्तो की सारी विपदा दूर करते हैं. आज के दिन हनुमान जी को बूंदी के लड्डू का भोग लगाने से भी सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

मंगलवार को करें इस मंत्र का जाप

ॐ हं हनुमते नम:.’

अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्.
सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि॥ 
ॐ अंजनिसुताय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि तन्नो मारुति प्रचोदयात्. 

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