New Delhi: दिल्ली में बढ़ती आबादी, आवास की जरूरत और भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए राजधानी के विकास का नया खाका तैयार किया गया है। मास्टर प्लान 2047 को दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) की बोर्ड बैठक में मंजूरी मिल गई है। डीडीए अब इस अंतिम प्रस्ताव को केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय को भेजेगा, जिसके बाद केंद्र सरकार द्वारा इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी। इस योजना के तहत दिल्ली में करीब 20 लाख नए फ्लैट बनाए जाएंगे। इसके साथ ही पुराने फ्लैटों का पुनर्विकास, गांवों की जमीन का योजनाबद्ध विकास और शहर को ज्यादा हरा-भरा बनाने पर जोर दिया गया है।
मास्टर प्लान के तहत दिल्ली के 105 गांवों की जमीन को लैंड पूलिंग के जरिए टाउन प्लानिंग के तहत विकसित किया जाएगा। वहीं करीब 69 गांवों को ग्रीन डेवलपमेंट एरिया (GDA) नीति के तहत विकसित करने की प्लानिंग है। यहां हरित क्षेत्रों के साथ आवासीय और व्यावसायिक हब तैयार किए जा सकते हैं। इससे दिल्ली में नए घरों के निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध होगी और भविष्य में बढ़ती आवासीय जरूरत को पूरा करने में मदद मिलेगी।
दिल्ली में दिखेंगी हाईराइज इमारतें
मास्टर प्लान में राजधानी में ऊंची इमारतों के निर्माण का भी प्रावधान है। अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-2) के आसपास 250 मीटर के क्षेत्र में हाईराइज बिल्डिंग विकसित करने की योजना बनाई जाएगी। UER-2 दिल्ली के अलीपुर से शुरू होकर बवाना, रोहिणी, नजफगढ़ और द्वारका होते हुए महिपालपुर तक जाता है। इससे इस इलाके में आधुनिक शहरी विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
पार्क, झील और ग्रीन एरिया पर दिए जोर
मास्टर प्लान 2047 में सिर्फ मकान और इमारतें ही नहीं, बल्कि दिल्ली को हरा-भरा और योग्य शहर बनाने पर भी खास ध्यान दिया गया है। पार्कों, झीलों और जल निकायों के संरक्षण और कायाकल्प की प्लानिंग है। इसके अलावा बायोडायवर्सिटी पार्क, बाढ़ के मैदानों की बेहतर प्लानिंग और नालों के आसपास बफर जोन में पैदल चलने और साइकिल ट्रैक विकसित करने का प्रस्ताव है।
अब केंद्र सरकार की मंजूरी का इंतजार
डीडीए बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद मास्टर प्लान 2047 को अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय को भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद राजधानी के आवास, परिवहन, हरित क्षेत्र और शहरी विकास को नई दिशा मिलगी।