Sawan 2026: आज सावन का तीसरा सोमवार है, इसके साथ ही नाग पंचमी का पर्व भी है। सावन सोमवार और नाग पंचमी का यह संयोग बेहद ही शुभ है क्योंकि दोनों ही दिन भगवान शिव को समर्पित हैं। आज सुबह से ही शिवालयों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से रामनगरी गूंजती रही। तेज बरसात के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था नहीं डिगी और भीगते हुए बड़ी संख्या में भक्त जलाभिषेक के लिए नागेश्वरनाथ मंदिर पहुंचे।
काशी के शिवालयों में दिखा भव्य नजारा
बीएचयू विश्वनाथ मंदिर, गौरी केदारेश्वर, तिलभांडेश्वर मंदिर, महामृत्युंजय मंदिर समेत सभी छोटे बड़े शिवालयों पर भक्त भगवान भोलेनाथ का पूजन अर्चन कर रहे हैं और नाग देवता को दूध लावा अर्पित कर रहे हैं।
प्रयागराज में आस्था का सैलाब
नाग पंचमी के पावन पर्व पर सोमवार को संगम नगरी के शिवालयों में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। यमुना तट स्थित प्रसिद्ध मनकामेश्वर मंदिर और फाफामऊ क्षेत्र के ऐतिहासिक पांडेश्वर नाथ धाम पड़िला महादेव में भोर से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
बुंदेलखंड में दिखी सदियों पुरानी अनोखी झलक
नाग पंचमी के मौके पर हमीरपुर में बुंदेलखंड की सदियों पुरानी अनोखी लोक परंपरा देखने को मिली। यमुना किनारे मेरापुर स्थित प्रसिद्ध संगमेश्वर मंदिर के पास महिलाओं और युवतियों ने कपड़े से सुंदर गुड़िया बनाईं। इसके बाद पारंपरिक तरीके से गुड़िया कूटने की रस्म निभाई और उन्हें यमुना नदी में प्रवाहित किया।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
सुरक्षा व्यवस्था की बात की जाए तो गंगा घाटों पर पानी बढ़ने की वजह से विशेष अलर्ट जारी किया गया है। एनडीआरएफ के साथ जल पुलिस की टीमें निगरानी कर रही हैं। गंगा स्नान करने के लिए पहुंच रहे शिव भक्त और कांवरियों को बैरिकेडिंग करके पहले ही रोका गया है, ताकि वहां बहुत ज्यादा भीड़ होने की स्थिति में कोई अनहोनी ना हो सके। फिलहाल सावन का तीसरा सोमवार पूरे उल्लास के साथ काशी में मनाया जा रहा है।
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