बोर्ड रिजल्ट सुधारने के लिए योगी सरकार का मास्टर प्लान, 4 बड़े फैसले लागू

UP Board Big Decision: उत्तर प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाओं में छात्रों के प्रदर्शन को सुधारने के लिए योगी सरकार ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने राज्य के सरकारी और सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों में कमजोर छात्रों के लिए विशेष उपचारात्मक कक्षाएं यानी एक्स्ट्रा क्लासेस चलाने की पुख्ता व्यवस्था की है. इस नए कदम का सीधा उद्देश्य बोर्ड परीक्षा के नतीजों को बेहतर बनाना और उन छात्रों की मदद करना है जो पढ़ाई में थोड़े पीछे छूट जाते हैं.

UP बोर्ड छात्रों के लिए योगी सरकार के 4 बड़े फैसले –

1. कमजोर छात्रों के लिए एक्स्ट्रा क्लास

सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 9वीं से 12वीं के कमजोर छात्रों के लिए उपचारात्मक कक्षाएं चलेंगी. नियमित क्लास के बाद या खाली पीरियड में पढ़ाया जाएगा और रोज प्रगति चेक होगी.

2. 12वीं में पहली बार इंप्रूवमेंट का मौका

यूपी बोर्ड के इतिहास में पहली बार 12वीं के पास छात्र भी अगर अपने नंबर से खुश नहीं हैं तो दोबारा परीक्षा देकर स्कोर सुधार सकते हैं.

3. परीक्षा पैटर्न में बदलाव

11वीं-12वीं के सभी थ्योरी पेपर अब 80 नंबर के होंगे, 20 नंबर इंटरनल मूल्यांकन / प्रोजेक्ट के होंगे. यह नियम हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत में भी लागू.

4. महंगी किताबों पर रोक

स्कूल अब प्राइवेट पब्लिशर्स की महंगी किताबें नहीं लगा सकेंगे. सिर्फ 7 अंकों के सीरियल नंबर वाली NCERT / सरकारी किताबें ही चलेंगी.

इसे भी पढ़ें:-फाइबर, आयरन और विटामिन से भरपूर है चुकंदर, रोज खाने से मिलेंगे ये लाभ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *