Bihar: बिहार की राजधानी पटना समेत 8 जिलों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. आपदा प्रबंधन विभाग ने गुरुवार को आठ जिलों को अलर्ट किया गया है. साथ ही आपदा प्रबंधन की ओर से गाइडलाइन भी जारी की गई है. विभाग ने कहा है कि 4 सितंबर को गंगा नदी का पानी अपने बाढ़ के उच्चतम स्तर को पार कर सकता है.
8 जिलों में अलर्ट जारी
विभाग ने अपनी चेतावनी में कहा है कि गंगा नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि एवं उससे उत्पन्न बाढ़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद में अलर्ट जारी करते हुए निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे सावधानी बरतें. किसी भी प्रकार का जोखिम न लें.
उफान पर कई प्रमुख नदियां
बिहार की कई प्रमुख नदियां उफान पर बह रही हैं. कोसी, गंडक, सरयू, गंगा, बागमती और सोन के बढ़ते जलस्तर से पश्चिमी चंपारण से लेकर भागलपुर, बक्सर, समस्तीपुर, बेगूसराय, सारण और रोहतास तक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. वाल्मीकिनगर बराज से 2 सितंबर, 2026 बुधवार शाम तक 1.88 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया. वहीं, सुपौल में कोसी बराज से 2.22 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ. समस्तीपुर में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है.
जारी आवश्यक गाइडलाइन
- अपने आवश्यक दस्तावेज, दवाइयां, मोबाइल फोन, टॉर्च, पीने का पानी और जरूरी सामान सुरक्षित एवं आसानी से ले जाने योग्य रखें.
- अफवाहों पर ध्यान न दें. केवल जिला प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर विश्वास करें.
- जलस्तर बढ़ने या बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर प्रशासन एवं बचाव दल के निर्देशों का तत्काल पालन करें.
- किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन तथा राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के आपातकालीन सहायता नंबर 1070 पर तत्काल सूचित करें.
- नदी, घाट, तटबंध एवं निचले इलाकों में अनावश्यक रूप से न जाएं.
- बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को नदी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखें.
- प्रशासन द्वारा चिह्नित सुरक्षित स्थानों एवं राहत शिविरों की जानकारी रखें और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल वहां जाएं.
- नदी में स्नान, तैराकी, नाव से अनावश्यक आवागमन तथा सेल्फी लेने जैसी जोखिमपूर्ण गतिविधियों से पूरी तरह बचें.
इसे भी पढ़ें:-कैसे पता करें कि आप पूरी तरह स्वस्थ हैं? इन संकेतों पर दें ध्यान