Lifestyle tips: गतिहीन जीवनशैली, अस्वास्थ्यकर खान-पान की आदतों और बढ़ते मोटापे के कारण फैटी लिवर रोग तेजी से आम होता जा रहा है. अच्छी खबर यह है कि कई मामलों में, आहार और जीवनशैली में बदलाव से लिवर के स्वास्थ्य में काफी सुधार हो सकता है. फैटी लिवर के लिए सही आहार का पालन करने से लिवर में वसा का संचय कम करने, चयापचय में सुधार करने और जटिलताओं को रोकने में मदद मिल सकती है.
लिवर रोग के लक्षण
- अत्यधिक थकान और कमज़ोरी: बिना किसी भारी काम के लगातार थकावट महसूस होना और ऊर्जा की कमी लिवर की खराबी का शुरुआती संकेत है.
- पीलिया के लक्षण: त्वचा, आँखों के सफेद हिस्से और नाखूनों का पीला पड़ना. ये तब होता है जब लिवर खून से बिलिरुबिन को फिल्टर नहीं कर पाता.
- पेट में दर्द और सूजन: पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से (जहाँ लिवर होता है) में लगातार दर्द रहना या पेट में लिक्विड जमा होने के कारण सूजन आना.
- त्वचा में खुजली: शरीर में बाइल सॉल्ट्स के जमा होने के कारण त्वचा में बिना किसी रैश के तेज़ खुजली होना.
- मल और मूत्र के रंग में बदलाव: पेशाब का रंग गहरा पीला या सरसों के तेल जैसा होना और मल का रंग पीला, सफेद या मिट्टी के रंग का होना.
फैटी लिवर को रिवर्स करेंगी ये आदतें
- वजन को कंट्रोल में रखें: अगर वजन ज्यादा है तो धीरे-धीरे और टिकाऊ तरीके से वजन कम करना लिवर में जमा फैट को कम करने में मदद कर सकता है. क्रैश डाइट या बहुत तेजी से वजन घटाने के बजाय संतुलित डाइट और नियमित एक्सरसाइज पर ध्यान देना बेहतर है.
- ज्यादा चीनी और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाएं: कोल्ड ड्रिंक, पैकेज्ड जूस, मिठाइयां, बिस्किट, केक, पेस्ट्री और दूसरे ज्यादा शुगर वाले खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करें. अल्ट्रा-प्रोसेस्ड और बहुत ज्यादा कैलोरी वाले फूड्स भी कम लेना चाहिए.
- शराब से बचें: शराब लिवर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है. अगर फैटी लिवर की समस्या है, तो शराब के सेवन को लेकर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.
- अच्छी नींद लें: नींद की कमी और लगातार तनाव आपकी ओवरऑल हेल्थ और मेटाबॉलिज्म को प्रभावित कर सकते हैं. इसलिए रोजाना पर्याप्त और अच्छी गुणवत्ता वाली नींद लेने की कोशिश करें और तनाव को मैनेज करने के लिए मेडिटेशन, योग या दूसरी रिलैक्सेशन तकनीकों को अपनाया जा सकता है.
- संतुलित आहार लें: डाइट में हरी सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, फल, नट्स और पर्याप्त प्रोटीन शामिल करें. बहुत ज्यादा तला-भुना और सैचुरेटेड फैट वाला खाना कम करें. मीठे पेय और ज्यादा शुगर वाली चीजों का सेवन भी सीमित करना जरूरी है.
- शारीरिक गतिविधि: फैटी लिवर में नियमित एक्सरसाइज और शारीरिक गतिविधि फायदेमंद हो सकती है. रोजाना तेज चाल से चलना, साइकिल चलाना, तैराकी या अपनी क्षमता के अनुसार दूसरी एक्सरसाइज को रूटीन में शामिल किया जा सकता है. लंबे समय तक लगातार बैठे रहने से बचें.
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