Ganpati Visarjan: गणेश चतुर्थी के दिन गणपति स्थापना के बाद ग्यारहवें दिन विसर्जन किया जाता है. कई लोग इस दौरान घर में भी गणपति की स्थापना करते हैं और डेढ़, तीन या सात दिन में गणपति का विसर्जन कर देते हैं. इस साल गणपति की स्थापना 14 सितंबर को हुई है और जो लोग घर में डेढ़ दिन के संकल्प के साथ गणपति को लाए हैं, वो 15 सितंबर को ही बप्पा का विसर्जन करेंगे.
गणपति विसर्जन के समय ध्यान रखें 7 बातें
- विसर्जन वाले दिन सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें. बप्पा को स्नान कराएं या साफ कपड़े से उनकी प्रतिमा को हल्के हाथों से साफ करें. इसके बाद उन्हें वस्त्र, फूल, दूर्वा, चंदन, अक्षत और उनकी पसंद का भोग अर्पित करें.
- विसर्जन से पहले भी बप्पा को दूर्वा और ताजे फूल अर्पित कर सकते हैं. इसके साथ चंदन, अक्षत और सिंदूर भी चढ़ाया जा सकता है.
- बप्पा को विदा करने से पहले उन्हें भोग जरूर लगाएं. आप मोदक, लड्डू, गुड़, नारियल और फल जैसे प्रसाद चढ़ा सकते हैं.
- अब परिवार के साथ भगवान गणेश की आरती करें. आरती के दौरान दीपक और धूप प्रभू को जरूर दिखाएं.
- विसर्जन से पहले गणपति की उत्तर पूजा करने की परंपरा कई जगहों पर निभाई जाती है. फिर पूजा की सामग्री को व्यवस्थित कर लें और प्रतिमा को सम्मानपूर्वक विसर्जन स्थल तक ले जाने की तैयारी करें.
- विसर्जन से पहले परिवार के सभी सदस्य भगवान गणेश के सामने हाथ जोड़कर आशीर्वाद लें और अपनी मनोकामना कहें.
- निर्धारित विसर्जन स्थल या कृत्रिम विसर्जन कुंड में भी गणपति बप्पा का विसर्जन करें.
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