आतंकी साजिश नाकाम, 4 संदिग्ध गिरफ्तार, पुलिस-अफसर की हत्या का मिला था सुराग

Lucknow: उत्तर प्रदेश एटीएस ने लखनऊ में एक बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश करते हुए पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़े चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, पकड़े गए लोगों में एक नाबालिग भी शामिल है, सभी आरोपी पंजाब के अमृतसर और गुरदासपुर के रहने वाले हैं, एटीएस ने इनके पास से एक पिस्टल और 20 कारतूस बरामद किए हैं, जांच में सामने आया है कि इन लोगों को लखनऊ में किसी बड़े सैन्य या पुलिस अधिकारी की हत्या करने का जिम्मा सौंपा गया था।

जांच में हुआ ये खुलासा

अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) अमिताभ यश ने बताया कि एटीएस को सूचना मिली थी कि शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़े कुछ युवक देश में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में हैं, इनका इरादा सेना या पुलिस से जुड़े किसी प्रतिष्ठान को निशाना बनाने का था, जांच में पता चला कि नेटवर्क के सक्रिय सदस्य राना भाई के निर्देश पर इन युवकों को लखनऊ भेजा गया था।

बड़े अफसर की हत्या कर पाकिस्तान भेजना था वीडियो

यूपी एटीएस ने जिन चार लोगों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान अमृतसर के रहने वाले गगनदीप सिंह (26), रजत कुमार (19), गुरदासपुर के क्रिश (21) और एक नाबालिग के रूप में हुई है, गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, एटीएस के मुताबिक, आरोपियों ने पाकिस्तान में मौजूद राना भाई से संपर्क होने की बात कबूल की है, उन्होंने बताया कि वे उसके लिए काम करते थे और उसी के निर्देश पर लखनऊ पहुंचे थे, पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि उन्हें किसी वरिष्ठ सैन्य या पुलिस अधिकारी की हत्या करने का टारगेट दिया गया था, इतना ही नहीं, वारदात को अंजाम देने के बाद उसका वीडियो रिकॉर्ड करके पाकिस्तान भेजने के निर्देश भी मिले थे।

इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए चल रहा था संपर्क

जांच एजेंसी के अनुसार, चारों संदिग्ध अपने कथित टारगेट को पूरा करने के इरादे से 27 अक्टूबर को अमृतसर से दिल्ली के रास्ते लखनऊ के लिए रवाना हुए थे, वे 29 अक्टूबर की रात करीब 12 बजे राजधानी पहुंचे, इस दौरान वे इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए राना भाई के संपर्क में बने हुए थे, एटीएस की जांच में सामने आया कि लखनऊ आने का 2,585 रुपये का किराया भी राना भाई ने ही भेजा था, राजधानी पहुंचने के बाद आरोपियों ने लखनऊ रेलवे स्टेशन का वीडियो बनाया और उसे अपने कथित हैंडलर को भेज दिया, फिलहाल एटीएस इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों और साजिश से जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच कर रही है।

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