Astrology: सनातन धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। 23 अक्टूबर को कार्तिक माह का दूसरा प्रदोष व्रत है। इस दिन शिव जी की पूजा से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और सुख-शांति आती है। आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार इस दिन किए जाने वाले कुछ खास उपाय –
1. दांपत्य जीवन में कलह दूर करने के लिए
शिव मंदिर जाकर शिव जी और मां पार्वती पर एक साथ मौली (कलावा) को 7 बार लपेटें। ध्यान रहे धागे को बीच में तोड़ना नहीं है, पूरा लपेटने के बाद ही तोड़ें और गांठ न लगाएं।
2. काम में सफलता के लिए
दूध में थोड़ा केसर मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं और मन में ‘ऊं नमः शिवाय’ का जाप करें।
3. मानसिक शांति के लिए
शाम को शिव मंदिर या घर में शिव जी के सामने बैठकर गहरी सांस लेते हुए 5 बार ‘ऊं’ का उच्चारण करें। ‘ओ’ को लंबा खींचें, ‘म’ सांस छोड़ते हुए अपने आप निकलेगा।
4. परिवार में सुख-शांति के लिए
शाम को मंदिर में एक घी का और एक तेल का दीपक जलाएं। घी के दीये में खड़ी सफेद बत्ती और तेल के दीये में लेटी हुई लाल बत्ती लगाएं।
5. अच्छी सेहत के लिए
शिव जी को सूखा नारियल अर्पित करें और अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करें। प्रदोष काल यानी शाम के समय ये करना ज्यादा शुभ है।
6. बिजनेस में तरक्की के लिए
शाम को 5 रंग की रंगोली लेकर शिव मंदिर जाएं और फूल की आकृति बनाएं। बीच में घी का दीया जलाकर शिव जी का ध्यान करें।
7. बच्चों से रिश्ते बेहतर करने के लिए
कटोरी में शहद लेकर उंगली से शिव जी को भोग लगाएं और बचा हुआ शहद अपने बच्चों को खिला दें।
8. मुकदमे और शत्रुओं से छुटकारा के लिए
मुकदमे से परेशान हैं तो धतूरे के पत्तों को पहले पानी फिर दूध से धोकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। शत्रुओं से मुक्ति के लिए शमी पत्र धोकर शिवलिंग पर चढ़ाएं और 11 बार ‘ऊं नमः शिवाय’ जपें।