Maha Ashtami 2026: शक्ति की आराधना का पर्व शारदीय नवरात्रि अपने चरम पर है। आज महाअष्टमी है, जिसका शास्त्रों में विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि जो भक्त पूरे 9 दिन विधि-विधान से पूजा नहीं कर पाए, वो अगर अष्टमी के दिन सच्चे मन से कुछ विशेष उपाय कर लें, तो उन्हें पूरे नवरात्रि की पूजा का फल मिल जाता है।
दुर्गा सप्तशती के 7 महामंत्र
1 – ऐश्वर्य पाने शत्रु से निजात पाने का मंत्र
ऐश्वर्य यत्प्रसादेन सौभाग्य-आरोग्य सम्पदः।
शत्रु हानि परो मोक्षः स्तुयते सान किं जनै॥
2 – सर्वकल्याण मंत्र
सर्व मंगलं मांगल्ये शिवे सर्वाथ साधिके।
शरण्येत्र्यंबके गौरी नारायणि नमोस्तुऽते॥
3 – सारी बाधाएं दूर करने वाला मंत्र
सर्वबाधा प्रशमनं त्रेलोक्याखिलेशवरी।
एवमेय त्वया कार्यमस्माद्वैरि विनाशनम्॥
4 – बाधा मुक्ति और धन-पुत्र प्राप्ति मंत्र
सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो धन धान्य सुतान्वितः।
मनुष्यों मत्प्रसादेन भविष्यति न संशय॥
5 – सौभाग्य प्राप्ति का मंत्र
देहि मे सौभाग्यमारोग्यं देहि में परमं सुखम्।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥
6 – रोगनाशक मंत्र
रोगानशेषानपहंसि तुष्टा
रुष्टातुकामान् सकलानभीष्टान्।
त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां
त्वामाश्रिता ह्याश्रयतां प्रयान्ति॥
7 – भय नाश करने का मंत्र
मंत्र जाप के नियम
काशी के ज्योतिष के मुताबिक, दुर्गा सप्तशती मंत्र का जाप करने के कुछ नियम हैं. जिन्हें फॉलो करने पर ही मां दुर्गा का आशीर्वाद मिलता है. शास्त्रों में दिए नियमों के अनुसार दुर्गा सप्तशती मंत्र जाप करने के लिए अपनी आवश्यकता के अनुसार मंत्र का चुनाव करें. फिर अष्टमी के दिन उस मंत्र का कम से कम 3 माला जाप करें. मंत्र जाप लाल चंदन या रुद्राक्ष की माला से करें.