गणतंत्र दिवस पर छावनी बनी दिल्ली, AI की मदद से की जा रही निगरानी, 30000 से अधिक कर्मी तैनात

Republic Day 2026: दिल्ली में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के तहत हाई अलर्ट’ पर है. जिसमें 30,000 से अधिक कर्मियों को तैनात किया गया है. दिल्ली जिले में ही लगभग 10,000 पुलिसकर्मी तैनात हैं, जिसमें औपचारिक परेड मार्ग और उच्च सुरक्षा क्षेत्र शामिल हैं. एडिशनल पुलिस कमीश्ननर देवेश कुमार महाला ने बताया कि गणतंत्र दिवस समारोहों की सुरक्षा के लिए नई दिल्ली क्षेत्र में लगभग 10,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. जांच चौकियां, बैरिकेड और अन्य मानक संचालन प्रक्रियाएं लागू हैं.

जगह-जगह लगाए गए बैरिकेड

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (नई दिल्ली) देवेश कुमार महाला ने कहा, ‘राष्ट्रीय आयोजन के दौरान प्रतिभागियों और दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं.’ उन्होंने कहा, ‘सुरक्षा के लिए लगभग 10,000 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है. जांच चौकियां, बैरिकेड और अन्य मानक संचालन प्रक्रियाएं लागू हैं. तैनाती योजनाओं, बिंदुवार ब्रीफिंग और आकस्मिक उपायों के बारे में सभी कर्मचारियों को समझाया गया है और पूर्वाभ्यास भी किए गए हैं.’ 

30 से अधिक नियंत्रण कक्ष बनाए गए

उन्नत निगरानी तंत्र के तहत परेड मार्ग और आसपास के हिस्सों सहित पूरे नई दिल्ली क्षेत्र में ‘वीडियो एनालिटिक्स’ और ‘फेस रिकग्निशन सिस्टम’ (FRS) जैसी प्रोद्योगिकियों से लैस 3,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. लगभग 150 कर्मियों वाले 30 से अधिक नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे इन कैमरों से मिलने वाले ‘लाइव फीड’ की निगरानी करेंगे. 

वीडियो एनालिटिक्स से लैस AI चश्मे

महाला के अनुसार, क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मियों को एफआरएस और ‘वीडियो एनालिटिक्स’ से लैस एआई चश्मे भी प्रदान किए जाएंगे. उन्होंने कहा, ‘भारत में निर्मित ये उपकरण पुलिस डेटाबेस में अपराधियों, संदिग्धों और घोषित अपराधियों के बारे में उपलब्ध डेटा वास्तविक समय में उपलब्ध कराएंगे, जिससे भीड़भाड़ वाले इलाकों में उनकी तुरंत पहचान संभव हो पाएगी. अगर किसी का चेहरा हमारे डेटाबेस से मेल खाता है, तो हम उसे तुरंत पहचान लेंगे.’ 

 ‘स्नाइपर’ टीम की तैनाती

सुरक्षा व्यवस्था में बहुस्तरीय बैरिकेडिंग और प्रवेश बिंदुओं पर कई स्तरों की जांच और तलाशी शामिल है. रणनीतिक स्थानों पर एफआरएस तकनीक से लैस मोबाइल निगरानी वाहन भी तैनात किए गए हैं. नई दिल्ली, उत्तरी और मध्य जिलों में हजारों छतों पर ‘स्नाइपर’ दलों को तैनात किया गया है. पुलिस उपायुक्तों ने मार्ग सर्वेक्षण और तोड़फोड़ रोधी जांच पूरी कर ली है, जबकि बाजारों, बस टर्मिनल और रेलवे स्टेशन जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है.

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