कर्तव्य पथ पर दिखा भारतीय संस्कृति की झलक, सेना के जवानों ने भी दिखाया करतब

Republic Day Celebration: देशभर में आज 77वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है. इसे लेकर कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड भी निकाली जा रही है. 26 जनवरी देश का राष्ट्रीय पर्व है. देश का हर नागरिक चाहे वह किसी धर्म, जाति या संप्रदाय से ताल्लुक रखता हो, इस दिन को राष्ट्र प्रेम से ओतप्रोत होकर मनाता है. इस दिन राजधानी में कर्तव्य पथ पर होने वाले मुख्य आयोजन में भारत की सांस्कृतिक झलक के साथ ही सैन्य शक्ति और परंपरागत विरासत की झांकी पेश की जा रही है.

पीएम मोदी ने शहीदों को दी सलामी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडिया गेट स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर शहीदों को सलामी दी. उन्‍होंने देश की लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि भी दी. इस मौके पर उनके साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना के तीनों अंगों के प्रमुख भी मौजूद थे.

ढोल और शहनाई पर ‘वंदे मातरम्’ की शानदार धुन

77वें गणतंत्र दिवस की परेड कर्तव्‍य पथ पर शुरू हो गई है. सबसे पहले सैन्य शक्ति ने ढोल और शहनाई पर ‘वंदे मातरम्’ की शानदार धुन बजाई. इस बार गणतंत्र दिवस की थीम भी वंदे मातरम् ही रखी गई है. 129 हेलीकॉप्टर यूनिट के चार Mi-17 1V हेलीकॉप्टरों द्वारा ध्वज फॉर्मेशन में फूलों की पंखुड़ियां बरसाई जा रही हैं. हेलीकॉप्टरों के इस फॉर्मेशन का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन आलोक अहलावत कर रहे हैं.

ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम का प्रदर्शन

दिल्ली के कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड के दौरान सूर्यस्त्र यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम (यूआरएलएस) और ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम का प्रदर्शन किया गया.

कर्तव्य पथ पर भारतीय सशस्त्र सेना की झांकी

भारतीय रक्षा बलों की त्रि-सेवा झांकी में ऑपरेशन सिंदूर: संयुक्तता से विजय को दर्शाया गया है. यह राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा में भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना की सामूहिक शक्ति, एकता और एकीकरण का प्रतीक है. यह झांकी युद्ध के सभी क्षेत्रों में समन्वित योजना, संयुक्त क्रियान्वयन और निर्बाध समन्वय के माध्यम से निर्णायक प्रतिक्रिया देने के भारत के संकल्प को दर्शाती है. दृश्य वर्णन में भारतीय वायु सेना के सटीक हवाई हमले, समुद्री वर्चस्व सुनिश्चित करने वाले त्वरित नौसैनिक युद्धाभ्यास और भारतीय सेना के समन्वित जमीनी आक्रमणों को उजागर किया गया है, जो एक निर्णायक संयुक्त सैन्य अभियान को प्रतिबिंबित करते हैं. यह ऑपरेशन उभरते खतरों का तेजी से और एकजुटता से जवाब देने की रक्षा बलों की क्षमता का उदाहरण है. ‘संयुक्तता से विजय’ भारत के रक्षा बलों के भविष्य के लिए तैयार, प्रौद्योगिकी-संचालित और मिशन-उन्मुख बल में परिवर्तन का प्रतीक है.

कर्तव्‍य पथ पर दिखा सेना का ताकतवर भीष्म टैंक

गणतंत्र दिवस परेड में भारत ने टी-90 टैंक की झलक भी दिखाई दी, जिसे भारतीय सेना ने ‘भीष्म’ नाम दिया है. ये रूस में बना थर्ड जनरेशन का टैंक है. यह टैंक 2001 से भारतीय सेना का हिस्सा है और इसे राजस्थान, पंजाब में पाकिस्तान सीमा और लेह में चीन सीमा पर तैनात किया गया है. इसके कई पुर्जे अब भारत में ही बनाए जाते हैं. तमिलनाडु के अवाडी में इन टैंकों को तैयार किया जाता है.

धनुष गन सिस्टम और अमोघ की दिखी झलक

कर्तव्य पथ पर भारत की स्वदेशी तोपखाने की ताकत के दो शक्तिशाली प्रतीक – धनुष गन सिस्टम और अमोघ (एडवांस्ड टोएड आर्टिलरी गन सिस्टम, ATAGS) आत्मनिर्भर भारत और रक्षा निर्माण में तकनीकी आत्मनिर्भरता की भावना को दर्शाते हैं.

राष्ट्रपति ने ने वीरता पुरस्कारों को दी मंजूर

77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 70 सशस्त्र बल कर्मियों के लिए वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी है, जिनमें छह मरणोपरांत पुरस्कार शामिल हैं. इनमें एक अशोक चक्र, तीन कीर्ति चक्र, 13 शौर्य चक्र (एक मरणोपरांत सहित), एक बार टू सेना मेडल (वीरता), 44 सेना पदक (वीरता) (पांच मरणोपरांत सहित), छह नौ सेना पदक (वीरता), और दो वायु सेना पदक (वीरता) शामिल हैं. शौर्य चक्र पाने वालों में 21 पैरा (स्पेशल फोर्स) से लेफ्टिनेंट कर्नल घाटगे आदित्य श्रीकुमार, 32 असम राइफल्स से मेजर अंशुल बाल्टू, 5 पैरा (स्पेशल फोर्स) से मेजर शिवकांत यादव, 42 राष्ट्रीय राइफल्स से मेजर विवेक मेच, 11 पैरा (स्पेशल फोर्स) से मेजर लीशांगथेम दीपक सिंह और 6 पैरा (स्पेशल फोर्स) से कैप्टन योगेंद्र सिंह ठाकू शामिल हैं. एक असम राइफल्स से सूबेदार पीएच मोसेस, 4 राष्ट्रीय राइफल्स से बलदेव चंद (मरणोपरांत), 3 असम राइफल्स से राइफलमैन मंगलम सांग वैफेई, और 33 असम राइफल्स से राइफलमैन ध्रुबा ज्योति दत्ता थलसेना से शौर्य चक्र पाने वाले अन्य लोग हैं.

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