UPSC Exam 2026: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने अपनी परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता को और पक्का करने की दिशा में अहम कदम उठाया है. UPSC ने घोषणा की है कि आयोग द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षा में बैठने वाले सभी कैंडिडेट्स को अब परीक्षा केंद्रों पर चेहरा प्रमाणीकरण (Face Authentication) से गुजरना होगा. इसका मतलब है कि अब परीक्षा में प्रवेश पाने के लिए उम्मीदवारों की चेहरे की पहचान परीक्षा केंद्र पर की जाएगी. यह कदम आयोग की परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है.
UPSC फेस ऑथेंटिकेशन क्यों लागू कर रहा है?
यूपीएससी हर साल कई जरूरी भर्ती परीक्षाएं आयोजित करता है, और इन परीक्षाओं में देशभर से लाखों उम्मीदवार शामिल होते हैं. अब तक उम्मीदवारों की पहचान मुख्य रूप से डॉक्यूमेंट और आईडी कार्ड के जरिए होती थी. लेकिन अधिकारियों का कहना है कि चेहरे की पहचान प्रणाली इस प्रक्रिया को और मजबूत और सुरक्षित बनाएगी. इसका मुख्य उद्देश्य सही उम्मीदवार की पहचान यानी यह सुनिश्चित करना कि परीक्षा में वही व्यक्ति शामिल हो, जिसने आवेदन किया है. फर्जीवाड़ा रोकना, किसी और की जगह किसी उम्मीदवार को परीक्षा में बैठने से रोकना. भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवारों का भरोसा बनाए रखना. मैन्युअल जांच कम करना. अब पहचान प्रक्रिया ज्यादा ऑटोमेटिक होगी और लंबी लाइनों या मैन्युअल जांच में समय नहीं लगेगा.
फेस रिकॉग्निशन कैसे काम करती है?
फेस रिकॉग्निशन तकनीक पूरी तरह एआई-आधारित है. इसका तरीका बहुत आसान है. उम्मीदवार ने जब यूपीएससी के लिए आवेदन किया था, तो उसने अपनी फोटो अपलोड की थी. परीक्षा के दिन एंट्री गेट पर लगे कैमरे के सामने उम्मीदवार खड़ा होगा. सिस्टम उस व्यक्ति की लाइव फोटो को आवेदन की फोटो से मिलाएगा. अगर फोटो मैच कर जाती है, तो उम्मीदवार को परीक्षा कक्ष में एंट्री की अनुमति मिल जाएगी. यह पूरी प्रक्रिया सिर्फ 8-10 सेकंड में पूरी हो जाती है और मैन्युअल की जरूरत नहीं होती, अधिकारियों का कहना है कि यह प्रणाली सामान्य परीक्षा-दिवस की परिस्थितियों में सुचारू रूप से काम करेगी और उम्मीदवारों को लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
देश के टॉप सरकारी पद
यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) देश की केंद्रीय एजेंसी है, जो एक संवैधानिक संस्था है. यह कड़ी और निष्पक्ष परीक्षाओं के ज़रिए ऑल इंडिया सर्विसेज़ (जैसे IAS, IPS) और सेंट्रल सिविल सर्विसेज़ (ग्रुप A और B) के लिए अधिकारियों की भर्ती करती है, जिसमें सबसे खास सिविल सर्विसेज़ परीक्षा (CSE) है. यह देश के टॉप सरकारी पदों के लिए योग्यता के आधार पर चयन सुनिश्चित करती है. यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 315-323 के तहत काम करती है और सरकार को प्रमोशन, ट्रांसफर और अनुशासनात्मक मामलों पर भी सलाह देती है.
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