Delhi: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने ग्लोबल मार्केट में नैचुरल गैस और LPG की सप्लाई में रुकावट डालना शुरू कर दिया है. होर्मुज स्ट्रेट जैसे शिपिंग रूट पर असर पड़ने से भारत को भी LPG की कमी का सामना करना पड़ रहा है. इस बीच, पेट्रोलियम मंत्रालय ने सभी तेल रिफाइनरियों को LPG का प्रोडक्शन बढ़ाने और अतिरिक्त उत्पादन को केवल घरेलू इस्तेमाल के लिए रखने का आदेश दिया है. इसी बीच, होटलों और रेस्टोरेंट्स को दी जाने वाली कमर्शियल LPG सिलेंडरों की सप्लाई सीमित कर दी गई है. इनमें मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे महानगर शामिल हैं.
होटल-रेस्टोरेंट इंडस्ट्री पर भी संकट
उन्होंने बताया कि इस युद्ध की वजह से एक गहरा संकट होटल इंडस्ट्री पर मंडरा रहा है। पिछले दो दिनों से हमें एलपीजी की सप्लाई नहीं मिल रही है जिसके चलते पूरे भारत में 80 प्रतिशत होटल इंडस्ट्री क्राइसिस में आ गई है। इस क्राइसिस में वे रेस्टोरेंट भी शामिल हैं जो क्लाउड किचन के जरिए ऑनलाइन डिलीवरी करते हैं।
देश में तेल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद
प्रधानमंत्री मोदी ने भी कैबिनेट मीटिंग में मंत्रियों को साफ निर्देश दिए कि पश्चिम एशिया में जारी संकट का असर आम आदमी पर बिल्कुल नहीं पड़ना चाहिए. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस वैश्विक उथल-पुथल के समय जनता का भरोसा बनाए रखना सबसे ज़रूरी है. प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि तेल की क़ीमतें स्थिर हैं, ये बात लोगों तक पहुंचाएं और ये भी बताएं कि देश में तेल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. प्रधानमंत्री ने ये भी कहा कि भारत ने सप्लाई चेन मैनेजमेंट सिस्टम इस संकट को ध्यान में रखकर तैयार किया है, इसे भी जनता तक पहुंचाया जाए.
भारत में फ़िलहाल पेट्रोल और डीज़ल के दाम स्थिर
भारत सरकार ने दावा किया है कि इस जंग का तेल की कीमतों पर कोई असर नहीं पड़ेगा और देश में घरेलू उपभोक्ता के लिए गैस की कोई कमी नहीं है. सरकार की तरफ से बताया गया कि भारत में फ़िलहाल पेट्रोल और डीज़ल के दाम स्थिर ही रहेंगे वो नहीं बढ़ेंगे. वहीं गैस क़ीमतों में हुआ 60 रुपये का इजाफा मौजूदा हालत की वजह से नहीं, बल्कि पिछले साल की अंडरकवरी की वजह से बढ़े हैं.
हर साल 31.3 मिलियन टन एलपीजी की खपत
इसी वजह से होटल और रेस्तरां जैसे व्यावसायिक संस्थानों को मिलने वाली कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई में कमी आ गई है. भारत हर साल करीब 31.3 मिलियन टन एलपीजी की खपत करता है. इसमें से लगभग 87 प्रतिशत घरेलू रसोई में इस्तेमाल होता है जबकि बाकी हिस्सा होटल और रेस्तरां जैसे व्यावसायिक संस्थानों में उपयोग होता है.
आयात किया जाता है 62 प्रतिशत एलपीजी
कुल जरूरत का करीब 62 प्रतिशत एलपीजी आयात से पूरा किया जाता है. अमेरिका (America) और इजरायल (Israel) के ईरान (Iran) पर हमले और ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद Strait of Hormuz बंद हो गया है. भारत को मिलने वाले एलपीजी आयात का लगभग 85 से 90 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से आता था. ऐसे में सप्लाई प्रभावित हो गई है.
एलपीजी की कालाबाजारी
वहीं डिमांड ज्यादा और सप्लाई कम होने के कारण अब एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी होने लगी है। लोगों का दावा किया है कि 910 रुपए का मिलने वाला सिलेंडर मार्केट में 2000 का ब्लैक में मिल रहा है। लोग मजबूरी में 2000 रुपये में सिलेंडर खरीद रहे हैं। क्योंकि गैस एजेंसीज में 10-10 दिन पहले की बुकिंग के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं।
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