पीएम मोदी और मलेशिया पीएम के बीच विभिन्न मुद्दों पर हुई चर्चा, इन क्षेत्रों में बेहतर होगी पार्टनरशिप

Malaysia: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया दौरे के दूसरे दिन रविवार (8 फरवरी) को मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की. दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस स्टेटमेंट या मीडिया को दिए बयानों में अपनी बातें रखीं. प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने पीएम मोदी और उनकी टीम का आभार जताया और कहा कि हमने कुछ मुद्दों पर चर्चा की है जो चिंता का विषय हैं, और मुझे लगता है कि इन्हें हमारी टीमों द्वारा संबोधित किया जाना चाहिए. हम सभी क्षेत्रों में और अधिक सहयोग की उम्मीद करते हैं, और यह दौरा मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से भी बहुत महत्वपूर्ण है.” 

पीएम मोदी ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मेरे मित्र और मलेशिया के प्रधानमंत्री मैं आपका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं. जिस प्रकार मेरा और मेरे प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया गया. मैंने देखा है कि परंपराओं से हटकर एक प्रकार से मलेशिया के जीवन को आपने कुछ ही घंटों में बहुत बखूबी पेश किया और इतने अच्छे से जो आयोजन किया ये हमें हमेशा याद रहना वाला है. इसके लिए मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूं मित्रता क्या होती है और मित्रता की ऊंचाई और गहराई क्या होती है ये मैं पूरी तरह अनुभव कर रहा हूं इसके लिए मैं आपका आभारी हूं.”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “सुरक्षा के क्षेत्र में हम आतंकवाद, खुफिया जानकारी साझा करना और समुद्री सुरक्षा में सहयोग मजबूत करेंगे. हम रक्षा सहयोग को भी और व्यापक बनाएंगे. AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी के साथ-साथ हम स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा में साझेदारी को आगे बढ़ाएंगे.”

PM ने आगे कहा, “मलेशिया में भारत के श्रमिकों के संरक्षण के लिए सामाजिक सुरक्षा समझौता, पर्यटन के लिए ग्रैटिस ई-वीजा और डिजिटल पेमेंट इंटरफेस UPI का मलेशिया में लागू होना ये सभी कदम, दोनों देशों के नागरिकों के जीवन को सरल बनाएंगे. भारत और मलेशिया को तमिल भाषा के प्रति साझा प्रेम भी जोड़ता है. मलेशिया में तमिल की मजबूत और जीवंत उपस्थिति शिक्षा, मीडिया और सांस्कृतिक जीवन में दिखाई देती है.”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “पिछले कुछ वर्षों में हमारे संबंधों ने एक नई रफ्तार पकड़ी है और इसमें मेरे मित्र प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम का विशेष योगदान है. हमारे बीच ऊर्जा, आधारभूत संरचना और उत्पादन में सहयोग बहुत मजबूत हुआ है. इन्ही उपलब्धियों से प्रेरित होकर आज हमने हमारी साझेदारी में अभूतपूर्व गति और गहराई लाने का निर्णय लिया है.”

पीएम मोदी ने साफ किए अपने इरादे

सीधे शब्दों में अपनी भावनाएं जाहिर करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “मेरे इस दौरे का मुख्य संदेश बहुत स्पष्ट है. भारत मलेशिया के साथ मिलकर हमारे संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाना चाहता है और हर संभव क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना चाहता है.” क्वालालंपुर में डेलिगेशन-लेवल मीटिंग के बाद समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर भी हुए, जिनमें स्वास्थ्य, राष्ट्रीय सुरक्षा, श्रम आदि क्षेत्र शामिल हैं. पीएम मोदी ने कहा, “पिछले साल, मैं ASEAN समिट के लिए मलेशिया नहीं आ सका था, लेकिन मैंने अपने प्यारे दोस्त से वादा किया था कि मैं जल्द से जल्द मलेशिया आऊंगा. 2026 की अपनी पहली फॉरेन विजिट के लिए, मैं मलेशिया आया हूं. भारत-मलेशिया के रिश्ते सच में खास हैं. हम समुद्री पड़ोसी हैं. सदियों से, हमारे दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे रिश्ते रहे हैं. आज, मलेशिया दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है, जहां भारतीय मूल के लोग रहते हैं. हमारी सभ्यताएं साझी सांस्कृतिक विरासत और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ी हैं.”

इन क्षेत्रों में बेहतर होगी पार्टनरशिप

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, “सिक्योरिटी सेक्टर में, हम काउंटर-टेररिज्म, इंटेलिजेंस शेयरिंग और मैरीटाइम सिक्योरिटी में सहयोग को मजबूत करेंगे. हम डिफेंस सहयोग को भी और बड़ा बनाएंगे. AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी के साथ, हम सेमीकंडक्टर, हेल्थ और फूड सिक्योरिटी में अपनी पार्टनरशिप को और आगे बढ़ाएंगे. आज ऑर्गनाइज किए गए CEO फोरम ने ट्रेड और इन्वेस्टमेंट के लिए नए मौके खोले हैं. हम स्ट्रेटेजिक भरोसे के जरिए इकोनॉमिक बदलाव का रास्ता बनाएंगे. पिछले कुछ सालों में, हमारे रिश्तों ने एक नई रफ्तार पकड़ी है. मेरे दोस्त, पीएम अनवर इब्राहिम का इसमें खास योगदान रहा है. एनर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग में हमारे बीच सहयोग मजबूत हुआ है. डिजिटल इकॉनमी, बायोटेक और IT में आपसी इन्वेस्टमेंट बढ़ा है. टूरिज्म और लोगों के बीच रिश्ते भी गहरे हुए हैं. इन कामयाबियों से प्रेरणा लेकर, हमने अपनी पार्टनरशिप में पहले कभी नहीं देखी गई रफ्तार और गहराई लाने का फैसला किया है.”

मलेशियाई पीएम ने की तारीफ

मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने भारत की तारीफ करते हुए कहा, “भारत तेजी से बढ़ रहा है, जो इंटरनेशनल इकोनॉमिक ट्रेड सीन में एक शानदार बढ़त है और इसलिए ASEAN के मामले में मलेशिया को ज़रूर बहुत फ़ायदा होगा अगर हम भारत के साथ मिलकर काम करने के और तरीके और मौके ढूंढ सकें, ताकि हम 2025 में हासिल किए गए $18.59 बिलियन से आगे बढ़ सकें. एक बड़ी कामयाबी यह फैसला है कि जहां तक हो सके लोकल करेंसी का इस्तेमाल किया जाए. शिक्षा अभी भी जरूरी है. कई मलेशियाई लोगों ने भारत में पढ़ाई की है, और मलेशिया में भारतीय स्टूडेंट्स की संख्या भी बढ़ रही है, लेकिन पिछले करीब एक दशक से मेरे अच्छे दोस्त प्रधानमंत्री मोदी के प्रधानमंत्री रहते हुए, आपने शिक्षा में भारतीय सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस की शानदार पहचान देखी है. यह न सिर्फ तुलना करने लायक है, बल्कि उनमें से कई ने पश्चिम के जाने-माने इंस्टीट्यूशन्स से भी आगे जाकर शानदार पहचान हासिल की है. इसलिए, हम निश्चित रूप से भारत में पढ़ने के लिए अलग-अलग सब्जेक्ट्स और फ़ील्ड्स में स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ाने के लिए इस पर विचार करेंगे.”

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