सेलिब्रिटीज़ क्यों पसंद करते हैं एल्कलाइन वाटर? जानें नॉर्मल पानी से कितना होता है अलग

Health: एल्कलाइन वॉटर आजकल एक लोकप्रिय हेल्थ ट्रेंड बन चुका है. इसे सामान्य पानी की तुलना में अधिक फायदेमंद माना जाता है. बहुत से सेलिब्रिटी और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग एल्कलाइन पानी का सेवन करते हैं. यह शरीर में एसिड को बैलेंस करने में मदद कर सकता है. आइए जानते हैं कि एल्कलाइन वाटर क्या है, इसके फायदे, नुकसान और इसे घर पर कैसे बनाया जा सकता है.

एल्कलाइन वाटर क्या है?

सामान्य पानी का पीएच लेवल लगभग 7 होता है, जबकि एल्कलाइन वॉटर का पीएच लेवल 8 से 9 तक हो सकता है. यह पानी की तुलना मे अधिक क्षारीय होती है.  इसे पीने से शरीर की एसिडिटी कम करने और डिटॉक्सिफिकेशन में मदद मिल सकती है.

एल्कलाइन वाटर पीने के फायदें
  •  एसिडिटी को कम करता है – यह शरीर में एसिड-बेस बैलेंस बनाए रखने में मदद कर सकता है, जिससे एसिडिटी की समस्या कम हो सकती है.
  •  बेहतर हाइड्रेशन – यह सामान्य पानी की तुलना में तेजी से शरीर में अवशोषित होता है, जिससे बेहतर हाइड्रेशन मिलता है.
  •  डिटॉक्सिफिकेशन में सहायक – यह शरीर से हानिकारक टॉक्सिन बाहर निकालने में मदद कर सकता है.
  •  ऊर्जा बढ़ा सकता है – कुछ लोग मानते हैं कि इसे पीने से थकान कम होती है और शरीर अधिक ऊर्जावान महसूस करता है.
  •  इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करता है – इसमें मौजूद मिनरल्स रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत कर सकते हैं.
  •  हड्डियों की मजबूती – इसमें कैल्शियम और मैग्नीशियम पाया जाता है, जो हड्डियों को मजबूत करने में मदद कर सकता है.
एल्कलाइन पानी सामान्य पानी से कैसे अलग होता है?
  • पीएच स्तर: यह सबसे बड़ा अंतर है. सामान्य पानी का pH 7 होता है, जबकि एल्कलाइन पानी का pH 8 से 9.5 के बीच हो सकता है.
  • मिनरल सामग्री: एल्कलाइन पानी में कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटेशियम जैसे मिनरल्स की मात्रा अधिक हो सकती है. ये मिनरल्स ही पानी के pH स्तर को बढ़ाते हैं.
  • ओआरपी (ORP): एल्कलाइन पानी में अक्सर नेगेटिव ऑक्सीडेशन-रिडक्शन पोटेंशियल होता है, जो इसे एक एंटीऑक्सीडेंट बनाता है. इसका मतलब है कि यह शरीर में हानिकारक फ्री रेडिकल्स को बेअसर करने में मदद कर सकता है.
  • स्वाद: कुछ लोगों का मानना है कि एल्कलाइन पानी का स्वाद सामान्य पानी की तुलना में चिकना और अधिक मीठा होता है.
एल्कलाइन वॉटर के नुकसान
  •  अत्यधिक सेवन से अपच की समस्या – जरूरत से ज्यादा पीने पर गैस या अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
  •  शरीर के प्राकृतिक एसिडिटी बैलेंस को प्रभावित कर सकता है – लंबे समय तक ज्यादा पीने से शरीर की प्राकृतिक एसिड-बेस प्रक्रिया बाधित हो सकती है.
  • किडनी रोगियों के लिए उपयुक्त नहीं – किडनी की समस्या वाले लोगों को इसे पीने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.
कैसे बनता एल्कलाइन वॉटर है?

एल्कलाइन पानी विशेष आयन-युक्त पानी से बनता है जिसमें क्षारीय खनिज होते हैं, या इसे घरेलू आयनीकरण उपकरणों (domestic ionization units) का उपयोग करके भी बनाया जा सकता है. यह प्राकृतिक रूप से झरनों में भी पाया जाता है, जहां पानी चट्टानों से गुजरने पर क्षारीय हो जाता

अल्कलाइन वाटर बनाएं

अल्कलाइन वाटर बनाने के लिए सबसे पहले 1 लीटर पानी में 1/2 चम्मच बेकिंग सोडा डालें. इसके बाद पानी में इसे अच्छी तरह से घुलने दें. जब बेकिंग सोडा पानी में घुल जाए, तो इसमें 1/2 चम्मच नींबू का रस डालें. अब इस पानी में कुछ खीरे के छोटे-छोटे टुकड़े डालें और 2-3 पुदीने के पत्ते भी मिलाएं. इस पानी को रातभर ढककर रख दें. इससे इसमें मिली हुई चीजों के पोषक तत्व पानी में मिल जाएंगे और पानी ठंडा हो जाएगा.

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