Health tips: खर्राटे लेना किसी के लिए मजाक, किसी के लिए रातभर की सजा, लेकिन अब ये सिर्फ नींद में आने वाली आवाज नहीं रह गई. अब खर्राटे लेना शरीर के अंदर चल रही गंभीर बीमारी की चेतावनी भी है, क्योंकि ये सिर्फ नींद टूटने का मामला नहीं है. ये मामला दिल और फेफड़ों पर पड़ते उस दबाव का है जो धीरे-धीरे शरीर को अंदर से कमजोर कर रहा है. दरअसल जब कोई खर्राटे लेता है, तो कई बार नींद के दौरान सांस बार-बार रुकती है, जिसे ‘ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एप्निया’ कहते हैं. इससे शरीर में ऑक्सीजन का लेवल गिरता है और फेफड़ों की धमनियों पर दबाव बढ़ता है. लेटेस्ट रिसर्च के मुताबिक खर्राटे लेने वाले करीब ‘72% मरीजों में पल्मोनरी हाइपरटेंशन’ पाया गया है. जो हार्ट फेल्योर और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ा रहा है.
खर्राटे की वजह
- मोटापा
- थायराइड
- टॉन्सिल्स
- हाइपरटेंशन
- डायबिटीज
- अस्थमा
खर्राटे रोकने के कारगर देसी और घरेलू उपाय
- हल्दी वाला दूध: रात को सोने से पहले हल्दी मिला गर्म दूध पीने से गले की सूजन कम होती है और नाक का रास्ता खुलता है, जिससे खर्राटे कम हो सकते हैं.
- लहसुन का सेवन: सोने से पहले एक-दो लहसुन की कली भूनकर या कच्ची चबाकर पानी के साथ लेने से साइनस की समस्या में राहत मिलती है.
- देसी घी: गुनगुने देसी घी की २-३ बूंदें नाक में डालने से बंद नाक और श्वसन नली के रास्ते साफ होते हैं
- भाप (Steam) लेना: सोने से पहले गर्म पानी की भाप लेने से बंद नाक खुलती है और बलगम कम होता है.
- शहद और गुनगुना पानी: रात को गर्म पानी या चाय में शहद मिलाकर पीने से गले की सूजन कम होती है और सांस लेना आसान हो जाता है.
- जैतून का तेल (Olive Oil): सोने से पहले नाक में जैतून के तेल की 2-3 बूंदें डालने से सूजन कम होती है और सांस लेने में सुगमता होती है.
- पुदीना (Peppermint): पुदीने के तेल से गरारे करना या नाक के नीचे लगाने से सांस लेने का मार्ग खुलता है.
- इलायची और पानी: एक गिलास गुनगुने पानी में कुटी हुई इलायची मिलाकर पीने से भी खर्राटों में कमी आती है.
जीवनशैली में अन्य बदलाव
- पीठ के बजाय करवट लेकर सोएं.
- सिर के नीचे ऊंचा तकिया लगाएं.
- सोने से पहले शराब और कैफीन के सेवन से बचें.
- शरीर का वजन नियंत्रित रखें.
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