Physiotherapy Benefits: दुनियाभर में 8 सितंबर को विश्व फिजियोथेरेपी दिवस 2026 मनाया जाता है. इसका मकसद लोगों को फिजियोथेरेपी के फायदों के बारे में जागरूक करना है. जिसमें हार्ट की बीमारियों और स्ट्रोक को रोकने, मैनेजमेंट और रिहैबिलिटेशन में फिजियोथेरेपी और शारीरिक गतिविधि पर फोकस किया जाता है।
‘फिजियोथेरेपी को लोग अक्सर केवल कमर, घुटने या कंधे के दर्द से जोड़कर देखते हैं, लेकिन इसका दायरा इससे कहीं बड़ा है। नियमित और सही तरीके से की गई शारीरिक गतिविधि दिल के स्वास्थ्य, मांसपेशियों की ताकत, संतुलन और शरीर की कार्यक्षमता को बेहतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।’
फिजियोथेरेपी के लाभ
ब्लड प्रेशर कंट्रोल: नियमित और सही एक्सरसाइज से उच्च रक्तचाप (बीपी) को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
कोलेस्ट्रॉल सुधार: फिजियोथेरेपी शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को घटाती है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढाने में मदद करती है।
वजन नियंत्रण: शारीरिक रूप से सक्रिय रहने से मोटापा कम होता है, जो हार्ट अटैक का एक बड़ा कारण है।
तनाव में कमी: फिजियोथेरेपी के दौरान कराई जाने वाली ब्रीदिंग एक्सरसाइज और रिलैक्सेशन तकनीकें मानसिक तनाव को कम करती हैं।
स्ट्रोक के बाद रिकवरी: यदि किसी को स्ट्रोक आ चुका है, तो उसका दोबारा चलना-फिरना और मांसपेशियों की ताकत वापस लाना Physiotherapy Rehabilitation के जरिए संभव होता है।
फिजियोथेरेपी में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल
फिजियोथेरेपी भी अब तेजी से टेक्नोलॉजी आधारित हो रही है। मोशन एनालिसिस, सेंसर-बेस्ड मॉनिटरिंग, वियरेबल डिवाइस, डिजिटल एक्सरसाइज प्रोग्राम और रोबोटिक रिहैबिलिटेशन जैसी तकनीकें मरीज की प्रोग्रेस को ट्रैक करने और रिहैबिलिटेशन को अधिक पर्सनल बनाने में मदद कर रही हैं।
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