रिहाई के बाद कैदियों को मिल सकेगा रोजगार, अब जेलों में दिया जाएगा प्रशिक्षण

Punjab: पंजाब सरकार ने जेल में बंद कैदियों के लिए बड़ा कदम उठाया है. पंजाब की 24 जेलों में इस समय 35,000 कैदी बंद हैं लेकिन किसी कौशल से निपुण न होने के कारण रिहाई के बाद इन्हें रोजगार दिलाना सबसे बड़ी चु़नौती रहती है. विभाग ने हर साल 5 हजार कैदियों को कौशल से निपुण करने की योजना तैयार की है.

कैदियों को दी जाएगी प्रशिक्षण

पंजाब की जेलों में बंद कैदी अब कंप्यूटर ऑपरेटर, प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, वुड वर्क तकनीशियन और इलेक्ट्रिशियन बन सकेंगे. पंजाब सरकार ने 11 जेलों में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) के ऑफ कैंपस स्थापित किए हैं जिसमें कैदियों के प्रशिक्षण के लिए सभी तरह की सुविधाएं प्रदान की गई हैं.

किसे मिलेगी जिम्मेदारी

इस पूरे अभियान की निगरानी के लिए एक राज्यस्तरीय कमेटी भी गठित की गई है. इसमें एडीजीपी जेल, तकनीकी शिक्षा और औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के निदेशक, अतिरिक्त निदेशक, पंजाब स्किल डेवलपमेंट मिशन के निदेशक, जनरल मैनेजर, आईजी जेल, आईटीआई के प्रिंसिपल और जेल सुपरिंटेंडेंट को शामिल किया गया है.

जेलों में स्थापित होंगी आईटी लैब्स

पंजाब की 24 जेलों में कंप्यूटर लैब और 20 वर्क स्टेशन भी स्थापित किए जा रहे हैं. साथ ही कैदियों को मॉडर्न टूल और मशीनरी भी प्रदान की जा रही है. इससे आईटी व डिजिटल साक्षरता, डाटा एंट्री, कार्यालय स्वचालन और संबंधित ट्रेडों में प्रशिक्षण देने में मदद मिलेगी. साथ ही योग्य आईटीआई फैकल्टी, गेस्ट ट्रेनर या प्राइवेट ट्रेनिंग पार्टनर के साथ काम कर रहे ट्रेनरों की भी सेवाएं ली जाएंगी.

ये कोर्स कराए जाएंगे

जेलों में वेल्डर व इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, कंप्यूटर ऑपरेटर व प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, वुड वर्क तकनीशियन व सिलाई तकनीक, बेकर एंड कंफेक्शनर, सिलाई तकनीक व कॉस्मेटोलॉजी शामिल है.

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