प्रयागराज-कानपुर समेत कई जिलों में उफान पर नदियां, बाढ़ की चपेट में कई इलाके

Flood in up: उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी संभागों में जोरदार बारिश हो रही है. पिछले तीन-चार दिनों से हो रही भारी बरसात के कारण यूपी के कई जिलों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है. वहीं गंगा-यमुना और कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति हो गई है. नदियों के करीब बने घर गिर रहें, लोग धीरे-धीरे गांवों से पलायन कर रहें.

कानपुर, मिर्जापुर, प्रयागराज, फर्रुखाबाद में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं. इसके अलावा बदायूं, बहराइच, बलिया, बाराबंकी, बिजनौर, फर्रुखाबाद, गौतमबुद्ध नगर, गोंडा, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मुजफ्फरनगर, सीतापुर और उन्नाव के कुछ इलाके बाढ़ से प्रभावित हैं.

घुटने भर पानी में प्रयागराज के कई इलाके

गंगा-यमुना के जलस्तर में लगातार वृद्धि के बीच कछारी क्षेत्रों और नदी किनारे बसे निचले इलाकों में पानी घुस गया है. जिसमें अल्लापुर, न्यू सोहबतियाबाग, करेली गड्डा कॉलोनी, दरियाबाद, साउथ मलाका आजाद स्क्वायर, राजरूपपुर, कालिंदीपुरम, राजापुर, छोटा बघाड़ा, बड़ा बघाड़ा, शिवकुटी , दारागंज, तेलियरगंज और नैनी क्षेत्र शामिल है.  प्रयागराज में बाढ़ का खतरे का निशान 84.734 मीटर है. बुधवार रात आठ बजे फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 80.43 मीटर पहुंच गया. जिलाधिकारी के निर्देश पर बाढ़ राहत चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है और संबंधित विभागों की टीमें संवेदनशील इलाकों की निगरानी कर रही हैं.

वाराणसी में घाट जलमग्न

वाराणसी में गंगा का जलस्तर महज 10 घंटे में करीब 42 सेंटीमीटर बढ़कर मंगलवार शाम छह बजे 67.14 मीटर पहुंच गया. खतरे का निशान 70.212 मीटर है. गंगा का पानी वाराणसी के घाटों और तटवर्ती क्षेत्रों में तेजी से फैल रहा है.

कानपुर में 176 गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा

कानपुर में लगातार गंगा का जलस्तर बढ़ता जा रहा है. बिठूर से लेकर शुक्लागंज तक करीब 176 गांव ऐसे हैं, जिन पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. जिला प्रशासन के अफसरों संग कमिश्नरेट पुलिस के जवान भी हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं. गंगा किनारे रहने वालों को सतर्क किया और कहा जैसे ही पानी बढ़ता है वैसे ही सुरक्षित स्थानों पर सभी चले जाएं.

गाजीपुर में चेतावनी बिंदु की ओर बढ़ रहा जलस्तर

गाजीपुर में जलस्तर लगातार चेतावनी बिंदु की ओर बढ़ रहा है। गुरुवार सुबह 11 बजे गंगा का जलस्तर 61.420 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो चेतावनी बिंदु 62.100 मीटर से महज 0.68 मीटर नीचे है। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन भी सक्रिय हो गया है।मुहम्मदाबाद, रेवतीपुर, भांवरकोल, करंडा और औड़िहार समेत गंगा किनारे के अन्य इलाकों में भी लोग बढ़ते जलस्तर को लेकर चिंतित हैं। गंगा का जलस्तर जिस तरह लगातार बढ़ रहा है, उससे लोगों की निगाहें अब इसके आगे के रुख पर टिकी हैं।

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