यूपी पुलिस ने इतने अपराधियों का किया खात्मा, जारी किया अब तक का डेटा

UP News: उत्तर प्रदेश में अपराध और अपराधियों के खिलाफ योगी आदित्यनाथ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति साल 2025 में अपने सबसे सख्त रूप में नजर आई. साल के आखिरी दिन उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों ने सबको हैरान कर दिया है. साल 2025 में यूपी पुलिस ने रिकॉर्ड 48 अपराधियों को मुठभेड़ में ढेर किया है. ये 2017 में योगी आदित्यनाथ के सत्ता संभालने के बाद से किसी भी एक साल में एनकाउंटर का सबसे बड़ा आंकड़ा है.

2025 में कितने एनकाउंटर हुए?

उत्तर प्रदेश के DGP राजीव कृष्ण ने बुधवार को बताया है कि साल 2025 में यूपी में पुलिस के साथ मुठभेड़ के दौरान 48 बदमाश मारे गए हैं. बता दें कि ये आंकड़ा बीते 8 साल में सबसे ज्यादा है. प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डीजीपी ने बताया कि साल 2025 में भी पुलिस कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए पूरी तरह से एक्टिव रही. 2025 में राज्य में कुल 2739 मुठभेड़ हुए हैं. इनमें 48 अपराधी मारे गए हैं. इसके साथ ही 3153 अपराधी जख्मी भी हुए हैं.

2017 से अब तक के एनकाउंटर आंकड़े

राजीव कृष्ण ने यह भी बताया कि 2017 से अब तक उत्तर प्रदेश में पुलिस के साथ कुल 16,284 मुठभेड़ें हुई हैं. इन मुठभेड़ों में 266 अपराधी मारे गए हैं और 10,990 अपराधी घायल हुए हैं. ये आंकड़े यह दर्शाते हैं कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने पिछले कुछ वर्षों में अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है और राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए हैं.

माफिया संपत्ति पर बड़ी कार्रवाई

उत्तर प्रदेश पुलिस ने माफिया और अपराधियों के खिलाफ केवल एनकाउंटर ही नहीं, बल्कि उनकी संपत्ति पर भी बड़ी कार्रवाई की है. राज्य पुलिस ने अब तक माफिया की 4137 करोड़ रुपये की संपत्ति या तो जब्त कर ली है या बुल्डोजर से ध्वस्त कर दी है. इसके अलावा, धार्मिक स्थलों से कुल 1,17,145 लाउडस्पीकर हटवाए गए हैं, और 1,85,468 लाउडस्पीकरों की आवाज को कम किया गया है.

आगे की रणनीति और पुलिस का दृढ़ संकल्प

उत्तर प्रदेश पुलिस का कहना है कि उनकी कार्रवाई आगामी समय में और भी तेज़ होगी. डीजीपी राजीव कृष्ण ने यह स्पष्ट किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिस हर संभव कदम उठाएगी. इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि एनकाउंटर के साथ-साथ पुलिस को जांच और कानूनी प्रक्रिया में भी पूरी पारदर्शिता रखनी होगी, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति को नुकसान न हो.

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