Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है. इस बार नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से हुई और इसका समापन 27 मार्च, शुक्रवार को होगा. आज यानी 20 मार्च, शुक्रवार को चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन है. दूसरे दिन मां ब्रह्माचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है. शास्त्रों में मां का वर्णन ऐसी देवी के रूप में किया गया है, जो साधना और तपस्या की प्रेरणा देने वाली हैं. मान्यता है कि ब्रह्मचारिणी माता की सच्चे मन से पूजा करने से मनचाहा वरदान मिलता है. ऐसे में नवरात्रि के दूसरे दिन भक्त श्रृद्धा के साथ मां का पूजन करते हैं. वहीं, पूजा के बाद मां की आरती गाने का भी विधान है.
माता ब्रह्मचारिणी की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त
माता ब्रह्मचारिणी की पूजा 20 मार्च के दिन की जाएगी. माता की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त नीचे दिए गए हैं. ब्रह्मचारिणी माता की पूजा करने से भक्तों को धैर्य, संयम और ज्ञान की प्राप्ति होती है. इसके साथ ही जो लोग वैराग्य के पथ पर अग्रसर होना चाहते हैं उनके लिए भी माता की पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है.
- ब्रह्म मुहूर्त- 05:08 AM से 05:55 AM तक
- प्रातः सन्ध्या- 05:31 AM से 06:43 ए एम तक
- अभिजित मुहूर्त- 12:22 PM से 01:10 PM तक
- गोधूलि मुहूर्त- 06:47 पी एम से 07:11 PM तक
- सायाह्न सन्ध्या- 06:49 PM से 08:01 PM तक
ब्रह्मचारिणी माता की पूजा विधि
- ब्रह्मचारिणी माता की पूजा से पहले नवरात्रि के दूसरे दिन आपको सुबह जल्दी उठकर स्नान-ध्यान करना चाहिए.
- इसके बाद पीले या सफेद रंग के वस्त्र आपको धारण करने चाहिए.
- अब पूजा स्थल पर धूप-दीप जलाएं और माता की पूजा आरंभ करें.
- माता को सफेद फूल, चंदन, रोली, अक्षत आदि आपको पूजा के दौरान अर्पित करने चाहिए.
- पूजा के दौरान माता के मंत्र ‘ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः’ का कम से कम 108 बार जप करें.
- इसके बाद माता की कथा का पाठ करें और अंत में आरती करके पूजा संपन्न करें.
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