Crude Oil Products: कच्चा तेल आधुनिक जीवन को चलाने वाली सबसे जरूरी चीज है. कच्चा तेल, जिसे क्रूड ऑयल कहा जाता है, जमीन के नीचे मिलने वाला एक प्राकृतिक तरल पदार्थ है. इसकी इतनी ज्यादा अहमियत होने के बावजूद भी कच्चा तेल अपने प्राकृतिक रूप में लगभग बेकार ही होता है. आइए जानते हैं कि कच्चे तेल से क्या-क्या चीजें बनती हैं और इसे इसके प्राकृतिक रूप में इस्तेमाल क्यों नहीं कर सकते.
क्या-क्या बनता है कच्चे तेल से?
कच्चा तेल रसायनों का एक कच्चा खजाना होता है. एक बार रिफाइनरियों में इसकी प्रोसेसिंग हो जाने के बाद इसे अलग-अलग हिस्सों में बांट दिया जाता है. हर हिस्से का इस्तेमाल एक खास उत्पाद को बनाने में होता है. इन उत्पादों पर हम रोजाना निर्भर होते हैं. सबसे साफ श्रेणी है ईंधन. पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, जेट इंजन और एलपीजी कच्चे तेल से ही बनते हैं.
रिफाइनरी में शुरू होती है असली प्रक्रिया
जमीन से निकालने के बाद कच्चे तेल को सबसे पहले रिफाइनरी में भेजा जाता है. यहां इसे खास मशीनों की मदद से साफ किया जाता है और फिर बहुत ज्यादा तापमान (315°C and 400°C) पर गर्म किया जाता है, ताकि इसके अलग-अलग हिस्सों को अलग किया जा सके.
सबसे ऊपर से निकलती हैं हल्की गैसें
डिस्टिलेशन की मदद से इस टावर के ऊपरी हिस्से से बहुत हल्की गैसें निकलती हैं. इन गैसों को प्रोसेस करने के बाद एलपीजी गैस बनाई जाती है, जिसका इस्तेमाल घरों में खाना बनाने और कई उद्योगों में ईंधन के रूप में होता है.
पेट्रोल और नाफ्था का भी होता है उत्पादन
गैसों के नीचे वाले हिस्से से पेट्रोल और नाफ्था जैसे पदार्थ मिलते हैं. पेट्रोल वाहनों में ईंधन के रूप में काम आता है, जबकि नाफ्था से प्लास्टिक, सिंथेटिक फाइबर, पेंट और केमिकल उद्योगों के कई उत्पाद बनाए जाते हैं.
मिट्टी का तेल और विमान ईंधन भी यहीं से मिलता है
रिफाइनिंग प्रक्रिया में आगे चलकर केरोसीन यानी मिट्टी का तेल और एविएशन फ्यूल भी निकलता है. केरोसीन का उपयोग कुछ घरों में और अन्य जगहों पर होता है, जबकि एविएशन फ्यूल हवाई जहाज उड़ाने में काम आता है.
डीजल और लुब्रिकेंट से चलती हैं भारी मशीनें
इसके बाद डीजल और लुब्रिकेंट ऑयल जैसे भारी पदार्थ निकलते हैं. डीजल का उपयोग ट्रक, बस और ट्रैक्टर जैसे बड़े वाहनों में होता है, जबकि लुब्रिकेंट मशीनों को घिसने से बचाकर उन्हें बेहतर तरीके से चलाने में मदद करते हैं.
डिस्टिलेशन प्रक्रिया के आखिर में सबसे भारी पदार्थ डामर बचता है. इसी डामर का इस्तेमाल सड़कों के निर्माण में किया जाता है.
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