Mystery: मानव जीवन में मृत्य एक अटल सत्य है. यहां पर जन्म लेने वाले कि मृत्यु निश्चित है. हालांकि, लोगों के मन में हमेशा एक सवाल उठता है कि आखिर मौत के बाद क्या होता है? अगर आत्मा होती है, तो कहां जाती है? मौत के बाद मनुष्य का शरीर शिथिल हो जाता है. इस पर पहले कई शोध हुए हैं जो अभी भी जारी है. प्रकृति के कई अनसुलझे रहस्य हैं जिन्हें सुलझाना अभी भी बाकी है. उन्हीं में से एक है आत्मा और मौत.
क्या है धार्मिक मान्यता?
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, पृथ्वी के बाद भी जीवन है और आत्मा परलोक की ओर प्रस्थान करती है, वहीं कुछ का मानना है कि परलोक केवल आत्मा का दूसरे शरीर में स्थानांतरण है, और कुछ का मानना है कि परलोक का कोई अस्तित्व ही नहीं है.
विश्वभर में लाखों लोगों के लिए, परलोक स्वर्ग (या नरक) की यात्रा है, जहां पृथ्वी पर किए गए उनके कर्मों के आधार पर उनकी परीक्षा ली जाती है, और उनके जीवन के उतार-चढ़ाव उनकी आंखों के सामने घटित होते हैं.
बेहद तकलीफ में होती है आत्मा
जैसे ही प्राण निकलते हैं, आत्मा शरीर से अलग हो जाती है, लेकिन भ्रम में फंसकर घर, परिवार और मृत देह के आसपास भटकने लगती है. उसे भूख, प्यास, क्रोध और कामना की तीव्र अनुभूति होती है, जैसे जीवित अवस्था में होती है. गरुड़ पुराण के अनुसार, आत्मा ये कष्ट इसलिए झेलती है क्योंकि सूक्ष्म शरीर (सूक्ष्म देह) अभी भी इंद्रियों से बंधा होता है. वह चिल्लाती है, रोती है लेकिन कोई सुन नहीं पाता. यही वजह है कि हिंदू परंपरा में मृत्यु के तुरंत बाद ‘प्रेत’ की तरह व्यवहार किया जाता है – आत्मा को भटकने से रोकने के लिए.
साइंस-धर्म का टकराव
विशेषज्ञों का कहना है कि ये वर्णन साइकोलॉजिकल ट्रॉमा से मिलता-जुलता है. लेकिन गरुड़ पुराण इसे आध्यात्मिक यातना बताता है. पहली रात में आत्मा को लगता है जैसे वह अंधेरे जंगल में खो गई हो. वह मृत शरीर को देखकर वापस लौटना चाहती है, लेकिन यमदूतों का भय उसे रोकता है. पुराण में वर्णन है कि अच्छे कर्मों वाली आत्मा को विष्णु दूत लेने आते हैं, जो फूलों से सजे रथ पर ले जाते हैं. लेकिन पापी आत्माओं के लिए यम के काले दूत आते हैं – भयानक रूप वाले, जो लोहे की पंजों से पकड़ते हैं. ये दूत पहली रात के अंत में ही प्रकट होते हैं और आत्मा को यमपुरी की ओर ले चलते हैं.
क्या मौत के बाद भी होता है जीवन?
मृत्यु के बाद भी जीवन है या नहीं? यह अभी भी रहस्य है. ऐसे कोई साक्ष्य नहीं हैं जिससे पता किया जा सके कि मौत के बाद जीवन है. कई बार लोगों को यह कहते सुना होगा कि मौत के पहले अजीबो-गरीब सपने आते हैं. एक रिपोर्ट में बताया गया है कि जो लोग मौत के करीब होते हैं, उनके शरीर में एक उत्तेजना प्रणाली सक्रिय हो जाती है.
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