UP MLC Election Result: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के नतीजों पर राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हैं. 11 सीटों के लिए जारी मतगणना में भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है. अब तक भाजपा ने चार सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा के लाल बिहारी यादव ने बाजी मारी है. मेरठ की शिक्षक और स्नातक सीटों पर भाजपा ने अपना कब्जा बरकरार रखा है. वहीं, लखनऊ शिक्षक सीट पर उमेश द्विवेदी ने लगातार तीसरी बार जीत हासिल कर हैट्रिक लगाई है. बाकी सीटों पर मतगणना जारी रहने के बीच कई जगहों से राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और विवाद की खबरें भी सामने आई हैं.
11 सीटों के लिए 152 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर
प्रदेश की पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान कराया गया था. इस चुनाव में कुल 152 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनके राजनीतिक भविष्य का फैसला करीब 14.81 लाख मतदाताओं के वोटों की गिनती से होना है. मतगणना मंगलवार सुबह आठ बजे प्रदेश के सात केंद्रों पर शुरू हुई. सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रों पर पुलिस बल तैनात किया गया है. साथ ही सीसीटीवी कैमरों और वीडियोग्राफी के माध्यम से पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है.
मेरठ में भाजपा का दबदबा कायम UP MLC Election Result
भाजपा ने मेरठ-सहारनपुर खंड की शिक्षक और स्नातक, दोनों सीटों पर जीत दर्ज की है. शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पार्टी के श्रीचंद शर्मा को 18,099 वोट मिले, जबकि स्नातक सीट पर भाजपा प्रत्याशी दिनेश गोयल ने 24,928 मत हासिल कर जीत अपने नाम की. बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के डॉ. हरि सिंह ढिल्लों भी विजयी रहे. वहीं, लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में उमेश द्विवेदी ने लगातार तीसरी बार चुनाव जीतकर अपनी हैट्रिक पूरी की. जीत के बाद उमेश द्विवेदी ने शिक्षकों और मतदाताओं का आभार जताया. उन्होंने भाजपा नेतृत्व, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पार्टी के कार्यकर्ताओं को भी समर्थन के लिए धन्यवाद दिया.
वाराणसी में सपा की जीत, लाल बिहारी यादव ने भाजपा पर साधा निशाना
वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के लाल बिहारी यादव ने जीत दर्ज कर भाजपा को झटका दिया. इस नतीजे के बाद सपा ने इसे शिक्षकों के समर्थन और पार्टी की राजनीतिक स्थिति से जोड़कर पेश किया. लाल बिहारी यादव ने कहा कि भाजपा के दोनों सीटें जीतने के दावे गलत साबित हुए हैं. उन्होंने दावा किया कि शिक्षकों ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भरोसा जताया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रचार का भी चुनाव में अपेक्षित असर नहीं हुआ.
सपा नेता ने चुनाव के दौरान प्रशासन पर अपने समर्थकों को परेशान करने के आरोप भी लगाए. उनका दावा था कि कुछ लोगों को घरों में नजरबंद किया गया और कुछ पर स्कूलों से बाहर नहीं निकलने का दबाव बनाया गया. इन आरोपों पर प्रशासन की ओर से किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध नहीं है.
आगरा में मतगणना के दौरान विवाद, दोनों पक्षों ने लगाए आरोप
आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतगणना के दौरान सपा और भाजपा के समर्थकों के बीच विवाद की स्थिति पैदा हो गई. सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि मतगणना स्थल पर उनके साथ मारपीट की गई और उनका कुर्ता फाड़ दिया गया. उन्होंने इस घटना के लिए भाजपा समर्थकों को जिम्मेदार बताया. दूसरी ओर, भाजपा कार्यकर्ताओं ने इन आरोपों को खारिज किया. उनका दावा था कि आकाश अग्रवाल ने खुद अपना कुर्ता फाड़ा था. इसके बाद भाजपा कार्यकर्ता भी विरोध में धरने पर बैठ गए और मौके पर तनाव बढ़ गया. पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार के मुताबिक, दोनों पक्ष एक-दूसरे पर मारपीट के आरोप लगा रहे थे. ऐसे में घटना को लेकर दोनों पक्षों के दावों को अलग-अलग जांचना जरूरी है.
गोरखपुर में मतगणना के बहिष्कार से बढ़ा विवाद
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना गोरखपुर विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग में कराई जा रही है. यहां समाजवादी पार्टी ने चुनाव में कथित धांधली का आरोप लगाते हुए मतगणना का बहिष्कार किया. सपा नेताओं का आरोप था कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है और प्रशासनिक अधिकारी तथा पर्यवेक्षक भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में काम कर रहे हैं. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. मतगणना प्रक्रिया और नतीजों को लेकर दोनों पक्षों के दावों के बीच स्थिति पर नजर बनी हुई है.
स्नातक सीटों पर भी सपा और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के साथ-साथ स्नातक सीटों पर भी मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है. इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पांचवें चक्र की मतगणना के बाद सपा प्रत्याशी डॉ. मानसिंह यादव के आगे होने की जानकारी सामने आई. लखनऊ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सपा प्रत्याशी कांति सिंह शुरुआती दौर से बढ़त बनाए हुए थीं. वहीं, वाराणसी स्नातक सीट पर सपा के आशुतोष सिन्हा और भाजपा के केदार सिंह के बीच मुकाबला जारी रहा. यहां प्रथम वरीयता के मतों की गणना शुरू होने की जानकारी दी गई थी.
अंतिम नतीजों पर टिकी राजनीतिक दलों की नजर
विधान परिषद की इन 11 सीटों के परिणाम प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बने हुए हैं. भाजपा ने अब तक चार सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा की जीत ने मुकाबले को नया राजनीतिक संदर्भ दिया है. हालांकि, शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव परिणामों को सीधे पूरे प्रदेश के जनमत का संकेत मानना उचित नहीं होगा. इन सीटों के मतदाता और चुनावी समीकरण विधानसभा चुनाव से अलग हैं. शेष सीटों की मतगणना पूरी होने और अंतिम नतीजे घोषित होने के बाद ही सभी 11 निर्वाचन क्षेत्रों में दलों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
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