क्या होते हैं सैटेलाइट फोन? किन लोगों को मिलती है इसे रखने की अनुमति?

Satellite Phone: सैटेलाइट फोन एक खास तरह का मोबाइल डिवाइस होता है जो सामान्य नेटवर्क टावर की बजाय सीधे सैटेलाइट से जुड़कर काम करता है. आम स्मार्टफोन जहां नेटवर्क कवरेज पर निर्भर होते हैं वहीं सैटेलाइट फोन दूर-दराज इलाकों जैसे पहाड़, समुद्र, जंगल या आपदा प्रभावित क्षेत्रों में भी आसानी से कॉल और मैसेज की सुविधा देते हैं.

क्या भारत में बैन हैं सैटेलाइट फोन?

भारत में सैटेलाइट फोन पूरी तरह से बैन नहीं हैं. हालांकि, हर कोई इनका इस्तेमाल नहीं कर सकता है, लेकिन कानूनी तौर पर इन पर प्रतिबंध भी नहीं है. इनके इस्तेमाल पर काफी कड़ी पाबंदियां है. दरअसल, टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 के अनुसार, बिना लाइसेंस या टेलीकम्युनिकेशन विभाग (DoT) से ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (NOC) लिए देश में सैटेलाइट फोन का कानूनी तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. आम तौर पर सिर्फ BSNL (Inmarsat) द्वारा दी जाने वाली सैटेलाइट सेवाओं के परमिट के साथ ही इसका इस्तेमाल करने की परमिशन होती है. Thuraya और Iridium जैसे किसी भी दूसरे सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल पूरी तरह से बैन है.

किन लोगों को मिलती है अनुमति?

सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल आमतौर पर सरकारी एजेंसियों, रक्षा बलों, आपदा प्रबंधन टीमों और कुछ अधिकृत संस्थाओं को ही दिया जाता है. इसके अलावा कुछ विशेष परिस्थितियों में कंपनियों या व्यक्तियों को भी अनुमति मिल सकती है लेकिन इसके लिए लाइसेंस लेना जरूरी होता है.

सैटेलाइट फोन के इस्तेमाल पर पाबंदी?

2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद देश में सैटेलाइट फोन से जुड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल को और भी सख्त कर दिया गया था. उस हमले में आतंकवादियों ने पाकिस्तान में मौजूद अपने हैंडलर्स से संपर्क बनाए रखने के लिए Thuraya सैटेलाइट फोन का ही इस्तेमाल किया था, जिससे भारतीय अधिकारियों के लिए उनके आपसी तालमेल को रियल-टाइम में ट्रैक करना और रोकना मुश्किल हो गया था. यही कारण है कि भारत में सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल करने पर पाबंदी है और नियमों का पालन किए बिना इसका उपयोग करने वालों को तुरंत गिरफ्तार किया जा सकता है.

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