Entertainment: मुंबई के जुहू में अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग की जांच में एक अहम जानकारी सामने आई है, कोटा से पकड़े गए तीन आरोपियों में शामिल ऋतिक को लेकर दावा किया गया है कि वह पिछले करीब एक साल से मुंबई में सक्रिय था, इस दौरान वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के स्लीपर सेल के रूप में काम कर रहा था, इस खुलासे के बाद मामले में उसकी भूमिका और गैंग से जुड़े कथित नेटवर्क की जांच तेज होने की संभावना है,।
रैपिडो राइडर बनकर 1 साल से रेकी कर रहा था
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, अंधेरी पूर्व में किराए का घर लेकर रहने से पहले ऋतिक ने कुछ महीने जुहू और गोरेगांव जैसे इलाकों में बिताए थे, जुहू में रहने के दौरान उसने वहां के पते पर आधार कार्ड भी बनवा लिया था, ताकि उसकी पहचान पर किसी को शक न हो।
बाइक टेक्सी राइडर की नौकरी की आड़ में वो फिल्मी हस्तियों की दिनचर्या और उनके घरों की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी जानकारी जुटा रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े रहने के दौरान ऋतिक को खर्च के लिए लगातार पैसे मिलते थे।
बिश्नोई गैंग पहुंचा रही थी खर्च के पैसे
जानकारी के मुताबिक, गैंग के लोग उसे आर्थिक मदद पहुंचा रहे थे, ताकि मुंबई में रहने के दौरान उसे किसी तरह की परेशानी न हो, इसके अलावा, उसे भरोसा दिलाया गया था कि सही समय आने पर उसे एक बड़ा और अहम काम सौंपा जाएगा, जिसके बाद उसे मोटी रकम देने का वादा किया गया था।
टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की साजिश में उसकी कथित भूमिका को इसी सिलसिले से जोड़कर देखा जा रहा है, फिलहाल, कोटा से गिरफ्तारी के बाद मुंबई पुलिस ऋतिक से पूछताछ कर रही है, पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और मुंबई में फैले इसके संभावित ठिकानों का पता लगाने में जुटी है।
इस खुलासे के बाद बॉलीवुड हस्तियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।