Ghazipur: ‘‘हम आये वही देश से जहाँ तुम्हारो धाम, तुमको घर पहुंचाना, एक हमारो काम।।’’ जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था मथुरा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत पंकज जी महाराज ने अपनी जनजागरण यात्रा के साथ कल सायंकाल ग्राम अमुआरा में पड़ाव किया। उन्होंने कहा कि आपको एक दिन इस किराये के मकान को खाली करना पड़ेगा। आपके द्वारा इकट्ठा किया गया धन दौलत, मकान, जमीन-जायदाद सब यहीं रह जायेगा। गुरु के अलावा कोई आपका मददगार नहीं होगा। अन्य युगों की तुलना में इस युग में मनुष्य की आयु कम हो गई, शारीरिक बल घट गया, मन की चंचलता बढ़ गई और अन्न में प्राण आ गया।
प्रभु ने दया करके अपने देश से सन्तों को भेजा। उन्होंने अपना परिचय देकर बताया कि आप सभी लोग अजर-अमर देश सतलोक के रहने वाले हो। यहां काल माया के देश में आकर फंस गये हो। अब इस जीवन को बर्बाद मत करो। कलयुग की सरल साधना सुरत शब्द योग (नाम योग) का मार्ग बताया। महाराज जी ने समाज में व्याप्त हिंसा, अपराध पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुये कहा कि अशुद्ध खान-पान और महात्माओं की शिक्षा से दूर होने के कारण यह स्थिति आई है। जाति-पाति के नाम पर लड़ने-झगड़ने से आपको नफरत के सिवा क्या मिला। आप सब पहले मानव धर्म, इंसानी मजहब को अपनायें। चरित्रवान बनें, यही मानव धर्म की सबसे बड़ी पूंजी है। शाकाहारी रहें, शराब जैसे नशा से बचें तथा युवा पीढ़ी, जो देश की धरोहर हैं उसे भी शाकाहारी, सदाचारी, चरित्रवान और नशे की गिरफ्त से बचायें।
संत पंकज जी महाराज ने जयगुरुदेव नाम की महिमा बताते हुये कहा कि यह समय का जागृत एवं सिद्ध नाम है। संकट की घड़ी में मददगार होगा। हमारे गुरु महाराज बाबा जयगुरुदेव जी महाराज इस नाम को जगा कर गये हैं। उनके बचन हैं ‘‘जन-जन की जबान पर जब, जयगुरुदेव आयेगा। सच्ची स्वतन्त्रता का तब आनन्द आयेगा। आगे बहुत भयावह समय आ रहा है, उससे बचने के लिये भजन जरूरी है।
आगामी 3 से 5 मार्च तक जयगुरुदेव आश्रम मथुरा में आयोजित होने वाले होली सत्संग मेले में आने के लिये सभी को आमंत्रित किया। सबको साधुवाद कहते हुये सुखद भविष्य की मंगल कामना किया। शांति व्यवस्था में पुलिस प्रशासन का सहयोग रहा।
इस अवसर पर शिवनारायण चौहान, डा. सन्तोष यादव, सुदामा पाल, रामराज पाल, बालकृष्ण यादव, आशुतोष पाल, चद्रदेव यादव, त्रिलोकी पाल, प्रयागराज से सुखराम यादव आदि उपस्थित रहे। जनजागरण यात्रा अगले पड़ाव हेतु ग्रम अलमेदपुर निन्दीपुर ब्लाक सादात के लिये प्रस्थान कर गई।