Karwa chauth 2026: आज देशभर में करवा चौथ का पावन पर्व मनाया जा रहा है. सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और शाम को करवा चौथ की कथा सुनती हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसी कथा है जिसके बिना करवा चौथ का व्रत अधूरा माना जाता है?
मान्यता है कि जो महिला इस कथा को पढ़ती या सुनती है, उसे अखंड सौभाग्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. ये कथा सिर्फ करवा चौथ पर ही नहीं, बल्कि हर तीज-त्योहार पर पढ़ना बेहद शुभ माना जाता है. हम बात कर रहे हैं गणेश जी और बुढ़िया माई की प्रसिद्ध कहानी की.
करवा चौथ पर पढ़ें गणेश जी की कथा
कथा के अनुसार, प्राचीन काल में एक अंधी बुढ़िया माई रहती थी. वह रोज नियम से भगवान गणेश की पूजा करती थी. उसका एक ही बेटा था, जिसकी शादी हो चुकी थी. परिवार बहुत गरीबी में दिन काट रहा था.बुढ़िया की सच्ची भक्ति देखकर एक दिन भगवान गणेश प्रसन्न हो गए और बोले – “माई, वर मांगो.”बुढ़िया बोली – “मुझे तो मांगना आता ही नहीं, क्या मांगू समझ नहीं आ रहा.”गणेश जी ने कहा – “अपने बहू-बेटे से पूछ कर मांग लो.”बुढ़िया अपने बेटे के पास गई तो बेटे ने कहा – “धन मांग ले.” बहू ने कहा – “पोता मांग लो.”बुढ़िया सोचने लगी दोनों तो अपने मतलब की बात कर रहे हैं. फिर उसने पड़ोसियों से पूछा तो उन्होंने कहा – “बुढ़िया, तेरी थोड़ी सी जिंदगी बची है, तू तो अपनी आंखों की रोशनी मांग ले.”सबकी बातें सुनकर बुढ़िया ने सोचा क्यों न कुछ ऐसा मांग लूं जिससे सबका भला हो जाए.अगले दिन गणेश जी फिर आए तो बुढ़िया बोली –
“हे गणराज! यदि आप प्रसन्न हैं तो मुझे नौ करोड़ की माया दें, निरोगी काया दें, अमर सुहाग दें, आंखों में प्रकाश दें, नाती-पोते दें और समस्त परिवार को सुख दें और अंत में मोक्ष दें.”यह सुनकर गणेश जी मुस्कुराए और बोले – “बुढ़िया माई, तूने तो मुझे ठग लिया.” लेकिन तथास्तु कहकर उन्होंने बुढ़िया को मांगा हुआ सब कुछ दे दिया.गणेश जी की कृपा से बुढ़िया की गरीबी दूर हो गई, उसे सब सुख मिले.कहा जाता है – हे गणेश भगवान! जैसे बुढ़िया माई को सब कुछ दिया, वैसे ही सबको देना. इसीलिए करवा चौथ पर इस कथा को सुनना बेहद फलदायी माना जाता है.
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