Gorakhpur: गोरखपुर में जाम की समस्या के समाधान के लिए विरासत गलियारा योजना के तहत सड़कें चौड़ी की जा रही हैं. उत्तर प्रदेश सरकार ने फैसला लिया है कि इस योजना के कारण जिन दुकानदारों की दुकानें हटेंगी, उन्हें नई दुकानें दी जाएंगी, जिसके लिए 37 करोड़ की लागत से एक कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनेगा और कुछ दुकानदारों को दुकानें आवंटित की जाएगी. इसके लिए डीपीआर को मंजूरी दे दी है.
इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर घंटाघर में बन रहा कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स पूर्ण होने के करीब है. जबकि नार्मल परिसर में बनने वाले एक अन्य कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स के डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) को भी शासन से मंजूरी मिल गई है.
कई दुकानें प्रभावित
बता दें कि गोरखपुर में धर्मशाला बाजार से लेकर पांडेयहाता तक विरासत गलियारा के नाम से सड़क का चौड़ीकरण कराया जा रहा है. यह शहर का काफी पुराना व्यापारिक क्षेत्र है. यहां सड़क चौड़ीकरण की परियोजना शुरू होने के बाद कई दुकानें प्रभावित हुआ था. हालांकि, सभी ने सरकार की पहल का स्वागत करते हुए सड़क चौड़ीकरण में सरकार का सहयोग किया हैं. सीएम योगी ने पहले से स्पष्ट कर कर दिया था कि विकास प्रक्रिया में किसी को उजड़ने नहीं दिया जाएगा, बल्कि उन्हें व्यवस्थित पुनर्वास का अवसर दिया जाएगा.
कॉम्प्लेक्स में होंगे कुल चार फ्लोर
सीएम योगी के ही निर्देश पर नगर निगम विरासत गलियारा निर्माण से प्रभावित दुकानदारों के लिए नार्मल परिसर में एक अन्य कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनवाने जा रहा है. 36.47 करोड़ रुपये की इस नई परियोजना में बेसमेंट पार्किंग भी होगी. इसे राज्य स्तरीय तकनीकी कमेटी से स्वीकृति मिल गई है. इस कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स में कुल चार फ्लोर के जरिये अलग-अलग आकार की 64 दुकानों का निर्माण कराया जाएगा.
आधुनिक सुविधाओं से लैस
काम्प्लेक्स में 13 यात्री क्षमता वाली दो लिफ्ट लगाई जाएंगी और पूरे परिसर की सुरक्षा सीसी कैमरों की निगरानी में रहेगी। विद्युत आपूर्ति के लिए सब स्टेशन के साथ डीजी सेट का पावर बैकअप भी रहेगा। इसके अलावा ऊर्जा बचत को बढ़ावा देने के लिए रूफटाप सोलर फोटो वोल्टिक पावर जनरेशन सिस्टम भी स्थापित किया जाएगा। परियोजना के तहत परिसर में सड़क, ड्रेनेज, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, सबमर्सिबल पंप, भूमिगत जल टैंक, महिला एवं पुरुषों के लिए अलग टायलेट ब्लाक, सीढ़ियां तथा आधुनिक फायर फाइटिंग सिस्टम जैसी आवश्यक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी, ताकि व्यापारियों और आने वाले लोगों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिल सकें।
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