Lucknow: सीएम योगी ने सांस्कृतिक और राष्ट्रभक्ति चेतना जगाने के लिए एक बड़ा अभियान चला रहे है। जिसमे भारतेंदु नाट्य के माध्यम से प्रदेशभर में ऐतिहासिक नायकों और स्वतंत्रता सेनानियों पर आधारित नाट्य का मंचन किया जाएगा। वही राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना और ऐतिहासिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार बड़े पैमाने पर सांस्कृतिक अभियान की रूपरेखा तैयार की है।
बता दे कि भारतेंदु नाट्य अकादमी के माध्यम से प्रदेश के सभी विद्यालयों, विश्वविद्यालयों, संग्रहालयों, ऐतिहासिक स्थलों और सांस्कृतिक केंद्रों पर ऐतिहासिक नायकों से लेकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तक के जीवन पर आधारित भव्य नाट्य की प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। इसके लिए नाट्य प्रस्तुतियों की पूरी श्रृंखला तैयार की जा रही है।
इसके लिए चरणबद्ध कार्ययोजना बनाई गई है। अकादमी द्वारा शोध, सामग्री संकलन और विशेषज्ञों से परामर्श के साथ स्क्रिप्ट लेखन आदि कार्य किया जा रहा है। योजना के तहत ‘आनंदमठ’ और ‘महाराजा सुहेलदेव’ को मुख्य प्रस्तुतियों के रूप में विकसित किया जाएग।
इसके अलावा ‘बिजली पासी’, ‘झांसी की रानी’, ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’, ‘1857 की क्रांति’ और ‘शिवाजी महाराज’ जैसे ऐतिहासिक विषयों पर आधारित नाटकों का मंचन होगा। वहीं ‘रश्मिरथी’, ‘अज्ञेय’, ‘अटल बिहारी वाजपेयी’, ‘बड़े भाई साहब’, ‘जयशंकर प्रसाद’, ‘निराला’, ‘भारतेंदु हरिश्चंद्र’ और ‘वीर सावरकर’ पर भी नाट्य प्रस्तुतियां तैयार की जाएंगी। भारतेंदु नाट्य अकादमी द्वारा स्वयं नाटक तैयार करने के साथ अन्य राज्यों से भी नाट्य प्रस्तुतियां आमंत्रित की जाएंगी और 15 से 20 श्रेष्ठ नाटकों का चयन किया जाएगा। जो दो अगस्त को लखनऊ में योजना के तहत पहला मंचन प्रस्तावित है। इसके बाद अगस्त से नवंबर तक शिक्षण संस्थानों और दिसंबर से फरवरी तक ऐतिहासिक व सांस्कृतिक स्थलों पर प्रस्तुतियां आयोजित होंगी।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि इस महाअभियान के माध्यम से पांच से दस लाख युवाओं तक प्रत्यक्ष सांस्कृतिक पहुंच बनाई जाएगी। यह पहल राष्ट्रभक्ति, ऐतिहासिक गौरव और सांस्कृतिक एकता को नई ऊर्जा देने के साथ युवाओं को अपने गौरवशाली अतीत से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बनेगी।