Delhi: अमेरिका और इजरायल के द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद उसका असर विश्व के कई देशों पर पड़ रहा है. वही अब भारत में भी एलपीजी सिलेंडर कि कमी देखी जा रही है. जिसको लेकर गैस एजेंसी और गैस गोदाम पर गैस लेने वाले ग्राहकों की लंबी कतार देखने को मिल रही है. जिसमें कुछ लोगों को सिलेंडर उपलब्ध हो रहा है तो वहीं कुछ को नहीं.
गैस संकट के बीच लोगों के लिए वरदान बना अटल कैंटीन
भारत में इस समय गैस संकट देखने को मिल रहा है. जहां देशभर में घरेलू गैस और कमर्शियल गैस के लिए लोगों की लंबी लाइन गैस गोदाम पर देखने को मिल रहा है. वही इस दौरान कमर्शियल गैस सिलेंडर न मिलने की वजह से होटल और रेस्टोरेंट तक बंद हो गए हैं. तो ऐसे समय में दिल्ली में अटल कैंटीन जैसी सुविधा होने से लोगों को दोपहर और रात का भोजन आसानी से उपलब्ध हो रहा है.
अटल कैंटीन में खाने वाले लोगों की संख्या में बढ़ोतरी
अटल कैंटीन के संचालक हरीश शर्मा बताते हैं कि अटल कैंटीन सुबह 11:00 बजे से लेकर दोपहर के 2:00 बजे तक खुला रहता है, और शाम को 6:30 बजे से लेकर रात के 9:30 बजे तक खुला रहता है. जब से देश में गैस की किल्लत हुई है. लोग गैस सिलेंडर के लिए लंबे-लंबे लाइन लग रहे हैं. ऐसे में अटल कैंटीन पर खाना खाने वाले लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हो गई है.
घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाली हाथ लौट रहे लोग
दिल्ली के गोविंदपुरी स्थित गैस एजेंसी के गोदाम पर सुबह से ही लोग अपने खाली सिलेंडर लेकर लंबी कतारों में खड़े नजर आए. लोगों का आरोप है कि बुकिंग होने के बावजूद उन्हें समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं. स्थानीय निवासी गीता ने कहा,’मैं कल भी आई थी, लेकिन खाली हाथ भेज दिया गया. आज फिर लाइन में लगी हूं, उम्मीद है कि आज शायद चूल्हा जल सके.’ एक अन्य स्थानीय चिन्मय बताते हैं, ‘मैंने 20 फरवरी को बुकिंग कराई थी, लेकिन अभी तक सिलेंडर नहीं मिला. अब नई तारीख दे दी गई है. घर में गैस खत्म है, समझ नहीं आता क्या करें.’
ब्लैक मार्केटिंग की मार, 400 रुपये प्रति किलो तक पहुंचे दाम
गैस की किल्लत का फायदा उठाकर कालाबाजारी करने वाले सक्रिय हो गए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस एजेंसियां सिलेंडर नहीं दे रही हैं, लेकिन बाहर दुकानों पर 300 से 400 रुपये प्रति किलो की दर से गैस रिफिल की जा रही है. मध्यम और गरीब परिवारों के लिए इतनी महंगी गैस खरीदना नामुमकिन होता जा रहा है.
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